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वन महोत्सव में डॉ प्रेमसहाय सिंह टेकाम ने गिलोय औषधीय पौधे का किया बखान,

कोरबा – बालको वन परिक्षेत्र के अंतर्गत बेला कछार दोंदरो में आयोजित वन महोत्सव में औषधीय पौधों का वितरण कार्य स्कूल शिक्षा मंत्री डाॅ प्रेम सहाय सिंह टेकाम ने किया छत्तीसगढ़ आदिवासी स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड रायपुर वन विभाग छत्तीसगढ़ शासन के सहयोग से परंपरागत वनौषधि प्रशिक्षित वैद्य संघ छत्तीसगढ़ द्वारा प्रति वर्ष औषधीय पौधों का निशुल्क वितरण कर औषधीय पौधों का ज्ञान स्वस्थ्य जीवन की पहचान हेतु जनहित में कार्य किया जाता है। होम हर्बल गार्डन योजना के तहत अडूसा, ब्राम्ही, अश्वगंधा सतावर तुलसी कालमेघ गिलोय, मंडूपपर्णी बच पत्थरचट्टा पाषाणभेद निर्गुंडी स्टीविया गुड़मार आदि प्रजातियों के बहुमूल्य वनौषधियां तैयार कर सरल सहज रूप में घर घर वितरण किया जाता है साथ ही एक मार्गदर्शिका पुस्तिका भी निःशुल्क प्रदान की जाती है  इस वर्ष भी सरोजनी ग्रामीण विकास महिला संस्थान बालको  की महिला स्व-सहायता समूह द्वारा लगभग एक लाख विभिन्न प्रकार के औषधीय पौधों को तैयार कर निशुल्क वितरण किया जा रहा है आज वन महोत्सव पर डा प्रेम सहाय सिंह टेकाम ने गिलोय की महिमा का बखान करते हुए इसे अमृत कहा है वह स्वयं एक आयुर्वेद चिकित्सक है उन्होंने ने कहा कि गिलोय के सेवन करने से रोग प्रतिरोधक क्षमता का विकास होता है और यह जीवन दायिनी वनौषधियों में एक है, उन्होंने ने मंच आह्वान किया कि इस औषधीय पौधे को आप सभी अवश्य घरों में लगाए और उपयोग करें। हमारी सरकार छत्तीसगढ़ राज्य की लोक स्वास्थ्य परंपरा संवर्धन एवं संरक्षण के प्रति कार्य कर रही है, हमारी लोक स्वास्थ्य परंपरा का पुर्नउत्थान एवं अनुसंधान आज की आवश्यकता है।इस अवसर पर कटघोरा विधायक, रामपुर विधायक के अलावा जिला प्रशासन से कलेक्टर कोरबा वनमंडलाधिकारी कोरबा पुलिस अधीक्षक एवं अन्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ साथ जन प्रतिनिधियों तथा आम जनमानस ने इस वन महोत्सव में उपस्थित थे। सभी ने होम हर्बल गार्डन योजना को लोक स्वास्थ्य परंपरा संवर्धन अभियान के लिए अनुकूल बताया।

Kush Sharma

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