Korbavani.com। जनपद पंचायत पोड़ी-उपरोड़ा अंतर्गत ग्राम पंचायत परला में पंचायत संचालन और शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। पंचायत के उपसरपंच, पंचों तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने जिला मुख्यालय पहुंचकर जनदर्शन कार्यक्रम में शिकायत दर्ज कराते हुए सरपंच और सचिव पर शासकीय राशि के दुरुपयोग, विकास कार्यों में लापरवाही तथा पंचायत व्यवस्था को मनमाने ढंग से संचालित करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायत के बाद मामले ने प्रशासनिक गलियारों में भी चर्चा का विषय बना दिया है।ग्रामीणों द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि ग्राम पंचायत परला में वर्ष 2023-24 से लेकर वर्तमान तक 15वें वित्त आयोग, मूलभूत मद तथा जिला खनिज न्यास (डीएमएफ) से प्राप्त राशि का उपयोग निर्धारित नियमों और प्रक्रियाओं के विपरीत किया गया है। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि पंचायत की बैठकों में पंचों को पर्याप्त जानकारी नहीं दी जाती और कई मामलों में उनकी उपस्थिति के बिना ही प्रस्ताव पारित कर दिए जाते हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पंचायत से संबंधित महत्वपूर्ण निर्णयों में पारदर्शिता का अभाव है, जिससे जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों में असंतोष बढ़ता जा रहा है।शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि पंचायत क्षेत्र में ग्राम सभा का नियमित आयोजन नहीं किया जा रहा है। पंचायत प्रतिनिधियों का आरोप है कि ग्राम सभा नहीं होने के कारण विकास कार्यों, योजनाओं और पंचायत निधियों के उपयोग की जानकारी आम नागरिकों तक नहीं पहुंच पा रही है। इससे ग्रामीणों को अपने अधिकारों और पंचायत की गतिविधियों के बारे में पर्याप्त जानकारी नहीं मिल रही है। जनदर्शन में पहुंचे ग्रामीणों ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली की व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि पंचायत क्षेत्र में लगभग 125 राशन कार्डधारी हितग्राही हैं, लेकिन पिछले चार महीनों से कई परिवारों को नियमित रूप से खाद्यान्न सामग्री नहीं मिल रही है। शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया कि पात्र हितग्राहियों के बजाय चुनिंदा लोगों को प्राथमिकता दी जा रही है, जिससे अनेक परिवार सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित हो रहे हैं।ग्रामीणों ने डीएमएफ मद से स्वीकृत विभिन्न विकास कार्यों की धीमी प्रगति पर भी नाराजगी जताई। उनके अनुसार आंगनबाड़ी भवन, सोसायटी भवन, बोर खनन और प्राथमिक शाला परला के अहाता निर्माण जैसे महत्वपूर्ण कार्यों के लिए राशि जारी होने के बावजूद निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सके हैं। इससे गांव में आवश्यक सुविधाओं का विस्तार प्रभावित हो रहा है और ग्रामीणों को अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा है।शिकायत में आश्रित ग्राम कापानवापारा के सामुदायिक शौचालय निर्माण का मुद्दा भी उठाया गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण कार्य से संबंधित भुगतान आज तक हितग्राहियों को नहीं मिला है। इसके अलावा वर्ष 2019-20 में स्वीकृत मंच निर्माण कार्य में लगे मजदूरों के पारिश्रमिक भुगतान का मामला भी जनदर्शन में उठाया गया। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि कार्य पूर्ण होने के बाद भी मजदूरों को उनकी मेहनताना राशि का भुगतान नहीं किया गया।उपसरपंच, पंचों और ग्रामीणों ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि जांच के दौरान आवश्यक दस्तावेज और साक्ष्य प्रस्तुत किए जाएंगे। ग्रामीणों ने दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करते हुए पंचायत निधियों के उपयोग की विस्तृत जांच कराने तथा पंचायत प्रशासन में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की है। अब सभी की निगाहें जिला प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।
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