Korbavani.com- शासन द्वारा मछली पकड़ने पर 15 अगस्त तक लगाए गए प्रतिबंध का कोरबा में कोई असर दिखाई नहीं दे रहा है। जिले के बांगो डेम और आसपास की नदियों में प्रतिदिन धड़ल्ले से अवैध मछली शिकार हो रहा है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि यह सब मत्स्य विभाग के कार्यालय के करीब ही खुलेआम हो रहा है, जबकि विभागीय अधिकारी पूरी तरह मौन हैं।ग्रामीण क्षेत्रों के ऐतमानगर, ठाड़पाखना, छातापखना, सरभोका, बुका और बुढ़ान जैसे इलाकों में हर दिन 100 से 200 लोग रहटा जैसे बड़े जालों के माध्यम से मछली पकड़ते देखे जा रहे हैं। स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, प्रतिदिन कुंटलों में मछली का अवैध शिकार हो रहा है।विभाग पर लगे गंभीर आरोपएक मछुआरे ने बताया कि मात्र 200 रुपये देकर मत्स्य विभाग के कर्मचारियों से मौन स्वीकृति मिल जाती है। जब इस संबंध में मत्स्य निरीक्षक कमल किशोर से बात की गई, तो उन्होंने कहा, “कल गया था, वहां कोई नहीं था। 200 रुपये वाली बात की जानकारी लेकर बताता हूं,” इसके बाद उन्होंने फोन काट दिया और कोई उत्तर नहीं दिया।जनप्रतिनिधियों की भी नाराजगीजनपद सदस्य भरत सिदार ने बताया कि उन्होंने इस मामले में पहले ही विभाग को जानकारी दी थी, लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने कहा कि उनके क्षेत्र के सरपता, बलदेवनगर, घोसरा, पलडूरैना, जामकछार, मिसिया और जजगी गांवों में प्रतिदिन 15 से 20 क्विंटल मछली मारी जा रही है, जिसे बाहरी कोचिए पिकअप वाहनों में भरकर ले जा रहे हैं।प्रशासनिक लापरवाही या मिलीभगत? यह मामला सिर्फ नियम उल्लंघन का नहीं, बल्कि प्रशासन की निष्क्रियता और विभागीय भ्रष्टाचार की ओर भी इशारा करता है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन कब जागेगा, या फिर मछलियों के साथ कानून का भी शिकार जारी रहेगा?
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5 days ago



