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मोदी गारंटी” पर अमल न होने से नाराज पंचायत सचिवों की हड़ताल, ग्राम प्रशासन ठप!

Korbavani.com – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की “मोदी गारंटी” के तहत पंचायत सचिवों के शासकीयकरण का वादा पूरा न होने पर जिले के पांच ब्लॉकों – कोरबा, कटघोरा, पाली, करतला और पोड़ी- उपरोड़ा पंचायत सचिवों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान कर दिया है। इससे ग्रामीण प्रशासन बुरी तरह प्रभावित होने की आशंका है। विधानसभा चुनाव में मोदी की गारंटी के तहत पंचायत सचिवों को शासकीयकरण करने का वादा किया गया है। 1995 से कार्यरत पंचायत सचिवों को शासकीयकरण की गारंटी दी गई थी। अब मोदी की गारंटी पूरी नहीं होने का आरोप लगाते हुए पंचायत सचिव नाराज है। जिसे लेकर उन्होंने घंटाघर में अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। हड़ताल में सैकड़ो की संख्या में पंचायत सचिव डटे हुए हैं। आंदोलन में डटे पंचायत सचिवों ने आरोप लगाते हुए कहा कि गत 7 जुलाई को इंडोर स्टेडियम रायपुर के सभागार में मुख्यमंत्री, विधानसभा अध्यक्ष, उपमुख्यमंत्री, मंत्री, महिला बालविकास विभाग तथा घोषण पत्र के संयोजक सांसद दुर्ग की उपस्थिति के बीच सभी के द्वारा पंचायत सचिवों के शासकीयकरण को अति आवश्यक मानते हुए शीघ्र ही शासकीयकरण करने का भरोसा देते हुए मुख्यमंत्री द्वारा मोदी की गारंटी को पूरा करने हेतु तत्काल कमेटी गठन करने की घोषणा की गई थी। घोषणा अनुरूप 16 जुलाई को पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा समिति गठन कर 30 दिवस के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने हेतु उल्लेख किया गया था। उक्त आदेश के परिपालन में कमेटी द्वारा पंचायत सचिवों के शासकीयकरण के संबंध में प्रतिवेदन प्रस्तुत कर दिया गया है। जिस पर पंचायत सचिवों को पूर्ण आशा व विश्वास था कि रिपोर्ट अनुसार बजट सत्र में शासकीयकरण का सौगात प्रदान किया जायेगा। किन्तु उन्होंने कहा की बजट सत्र में नही आने एवं इस विषय पर सरकार द्वारा कोई पहल नहीं करने के कारण पूरे प्रदेश के पंचायत सचिव क्षुब्ध व आक्रोशित है। पंचायत सचिव संघ के द्वारा दिनांक 10 मार्च को धर्मनगरी कवर्धा में बैठक कर निर्णय लिया गया कि 17 मार्च को प्रदेश के समस्त सचिवों द्वारा विधान सभा घेराव, 18 मार्च से ब्लाक मुख्यालय में अनिश्चितकालीन हड़ताल तथा 01 अप्रैल को मंत्रालय घेराव करने का निर्णय लिया गया है।जिसके परिपालन में कोरबा जिला के समस्त सचिव प्रांतीय आव्हान पर हडताल पर शामिल हैं।

सरकार की प्रतिक्रिया- अब तक कोई औपचारिक बयान नहीं आया है, लेकिन सूत्रों के अनुसार, सरकार जल्द ही पंचायत सचिवों से वार्ता कर सकती है।

Kush Sharma

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