Korbavani.com । जिले के सीतामणी रेत खदान में इन दिनों अवैध रेत उत्खनन और परिवहन का खेल पूरी तरह बेलगाम हो चुका है। यह रेत खदान प्रतिबंधित घोषित क्षेत्र होने के बावजूद रेत माफिया जेसीबी मशीनों, ट्रैक्टरों और टीपर वाहनों के जरिए दिनदहाड़े रेत की चोरी कर रहे हैं। इस अवैध कारोबार से शासन को प्रतिदिन लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है, लेकिन खनिज विभाग की निष्क्रियता और चुप्पी इस पूरे मामले को और अधिक संदिग्ध बना रही है। स्थानीय लोगों और शिकायतकर्ताओं का कहना है कि सीतामणी खदान में सुबह से लेकर रात तक रेत का अवैध उत्खनन जारी रहता है। भारी मशीनों की आवाज और लगातार चल रहे वाहनों की आवाजाही के बावजूद जिम्मेदार विभाग की नजर इस पर नहीं पड़ रही, यह बात लोगों के गले नहीं उतर रही है। कई बार खनिज विभाग के अधिकारियों, निरीक्षकों और उड़नदस्ता टीम को लिखित और मौखिक शिकायतें दी जा चुकी हैं, लेकिन हर बार कार्रवाई के नाम पर सिर्फ औपचारिकता निभाई गई। लोगों ने आरोप लगाया है कि इस पूरे अवैध धंधे में खनिज विभाग की मिलीभगत हो सकती है। उनका कहना है कि यदि विभाग सख्त होता, तो इतने बड़े स्तर पर खुलेआम रेत चोरी संभव नहीं थी। क्षेत्र में यह भी चर्चा है कि कुछ अधिकारी और रेत माफिया मिलकर इस अवैध कारोबार को संरक्षण दे रहे हैं और इससे मोटी रकम कमा रहे हैं। यही कारण है कि शिकायतों के बावजूद अब तक कोई ठोस और प्रभावी कार्रवाई सामने नहीं आई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जब खनिज अधिकारी राकेश वर्मा से संपर्क किया गया, तो उन्होंने कहा कि शिकायत की जानकारी मिली है और टीम भेजकर जांच कराई जाएगी। हालांकि, यह पहला मौका नहीं है जब इस तरह का आश्वासन दिया गया हो। पूर्व में भी कई बार जांच और कार्रवाई की बात कही गई, लेकिन जमीनी स्तर पर इसका असर नजर नहीं आया। इस पूरे घटनाक्रम ने प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो न केवल शासन को आर्थिक नुकसान होता रहेगा, बल्कि अवैध उत्खनन से पर्यावरण को भी गंभीर क्षति पहुंचेगी। नदी-नालों का अस्तित्व खतरे में पड़ सकता है और भू-जल स्तर पर भी इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले को कितनी गंभीरता से लेता है और क्या वास्तव में रेत माफियाओं पर कार्रवाई होती है या फिर सीतामणी में ‘रेत माफिया राज’ यूं ही चलता रहेगा। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि तत्काल सख्त कार्रवाई कर अवैध उत्खनन पर रोक लगाई जाए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
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