Korbavani.com। जिले में NH-130A के निर्माण को विकास की बड़ी उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है, लेकिन इस राष्ट्रीय राजमार्ग से सटे ग्राम पंचायत अखरापाली के ग्रामीण आज भी मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं। कोरबा मुख्यालय से करीब 20 किलोमीटर दूर स्थित इस गांव में बरसात शुरू होते ही पहुंच मार्ग कीचड़ और दलदल में तब्दील हो जाता है, जिससे ग्रामीणों का आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि NH-130A निर्माण के लिए किसानों ने अपनी कृषि भूमि दी थी। बदले में गांव तक पक्की सड़क, स्ट्रीट लाइट और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन वर्षों बीत जाने के बाद भी वादे पूरे नहीं हुए। बरसात के दौरान एनएच किनारे डाली गई मिट्टी का मलबा बहकर गांव की कच्ची सड़क पर आ जाता है, जिससे पूरी सड़क मोटी कीचड़ से भर जाती है और लोगों का निकलना तक मुश्किल हो जाता है। ग्रामीण महिला हृदय भगेल ने बताया कि यह समस्या वर्षों पुरानी है। बारिश के दिनों में स्कूली बच्चों, गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और मरीजों को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ती है। कई बार आपातकालीन स्थिति में मरीजों को अस्पताल तक पहुंचाना भी मुश्किल हो जाता है। ग्रामीणों के अनुसार हर वर्ष लगभग तीन महीने तक गांव के लोग कीचड़ और दलदल के बीच नारकीय जीवन जीने को मजबूर रहते हैं। जहरीले सांप और बिच्छुओं का खतरा भी लगातार बना रहता है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि NH-130A निर्माण के समय अधिकारियों ने गांव की सड़क और रोशनी की व्यवस्था का भरोसा दिया था, लेकिन राजमार्ग बनने के बाद गांव की समस्याओं को नजरअंदाज कर दिया गया। शिकायत करने पर अधिकारियों द्वारा अभद्र व्यवहार और धमकी दिए जाने का भी आरोप ग्रामीणों ने लगाया है। इधर, ग्राम पंचायत के सरपंच गीता बाई ने कीचड़ से प्रभावित मार्ग का निरीक्षण कर ग्रामीणों को जल्द राहत दिलाने का आश्वासन दिया है। सरपंच ने बताया कि NH-130A के अधिकारियों से चर्चा की गई है और सड़क पर बहकर आई मिट्टी को जेसीबी के माध्यम से हटाकर मार्ग को सुगम बनाने की कार्रवाई जल्द कराई जाएगी। अब अखरापाली के ग्रामीण जिला प्रशासन और राज्य सरकार से मांग कर रहे हैं कि NH-130A के किनारे बसे इस गांव की वर्षों पुरानी समस्या का स्थायी समाधान किया जाए। उनका कहना है कि जब गांव के लोगों ने विकास के लिए अपनी जमीन दी है, तो उन्हें सुरक्षित और सुगम सड़क जैसी बुनियादी सुविधा भी मिलनी चाहिए। ग्रामीणों का मानना है कि पक्की सड़क बनने से बच्चों की शिक्षा, मरीजों की चिकित्सा, किसानों की आवाजाही और पूरे गांव का विकास सुनिश्चित हो सकेगा। विकास की असली तस्वीर तभी पूरी होगी, जब हाईवे के साथ-साथ उससे जुड़े गांवों तक भी सुविधाओं की रोशनी पहुंचे..
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