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Catch The Rain 2026 के नाम पर पोस्टरों की भरमार- निगम के खर्च पर उठे सवाल; मूल काम से ज्यादा प्रचार पर जोर?

Korbavani.com। कोरबा नगर पालिका निगम क्षेत्र में बारिश के पानी के संरक्षण और जल संवर्धन को लेकर चलाए जा रहे अभियान के बीच अब प्रचार सामग्री को लेकर सवाल खड़े होने लगे हैं। शहर के कई स्थानों पर कैच द रेन और जल संरक्षण से जुड़े पोस्टर लगाए गए हैं। एक ही स्थान पर जरूरत से अधिक पोस्टर लगाए जाने को लेकर आम नागरिकों का कहना है कि आखिर जनहित के कामों के लिए निर्धारित राशि का इस्तेमाल प्रचार-प्रसार में किस तरह किया जा रहा है। तस्वीर में भी एक स्थान पर जल संरक्षण से जुड़े कई बड़े-बड़े पोस्टर नजर आ रहे हैं। इनमें Catch The Rain 2026 अभियान के साथ बारिश के पानी को सहेजने और जल संरक्षण का संदेश दिया गया है। खास बात यह है कि जहां एक स्थान पर सीमित प्रचार सामग्री से अभियान का संदेश लोगों तक पहुंचाया जा सकता था, वहां एक साथ तीन से अधिक पोस्टर लगाए गए हैं। इससे पोस्टर लगाने के उद्देश्य और इस पर होने वाले खर्च को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर निगम क्षेत्र में कई जगह मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी समस्याएं बनी हुई हैं। सड़कों, नालियों, साफ-सफाई और अन्य नागरिक सुविधाओं को लेकर लगातार शिकायतें सामने आती रहती हैं। ऐसे में यदि लाखों रुपये की राशि केवल पोस्टर और प्रचार सामग्री पर खर्च की जा रही है तो इसकी उपयोगिता और आवश्यकता पर सवाल उठना स्वाभाविक है।लोगों का यह भी कहना है कि सरकार की योजनाओं और अभियानों की जानकारी जनता तक पहुंचाना जरूरी है, लेकिन इसके लिए प्रचार सामग्री की संख्या और खर्च का भी उचित निर्धारण होना चाहिए। एक ही जगह पर कई पोस्टर लगाने के बजाय यदि सीमित संसाधनों का उपयोग जल संरक्षण के वास्तविक कार्यों में किया जाए तो इसका सीधा लाभ शहरवासियों को मिल सकता है। स्थानीय स्तर पर यह सवाल भी उठ रहा है कि पोस्टर लगाने का काम किस एजेंसी, ठेकेदार या संस्था को दिया गया है और इसके लिए निगम की ओर से कितनी राशि स्वीकृत की गई है। चर्चा है कि पोस्टर लगाने का काम किसी सुविधा केंद्र से संबंधित एजेंसी को दिया गया है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है। इस संबंध में नगर निगम के संबंधित अधिकारी से खर्च की जानकारी लेने का प्रयास किया गया, लेकिन पोस्टरों की लागत और पूरे कार्य पर खर्च होने वाली राशि की स्पष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई। अब नागरिकों की नजर नगर निगम आयुक्त आशुतोष पांडेय की संभावित कार्रवाई पर है। लोगों की मांग है कि कैच द रेन अभियान के नाम पर लगाए जा रहे पोस्टरों की संख्या, गुणवत्ता, लागत और भुगतान की जांच कराई जाए। साथ ही यदि नियमों के विपरीत या आवश्यकता से अधिक खर्च पाया जाता है तो जिम्मेदारी तय की जाए।जनता का सवाल सीधा है कि टैक्स के पैसे का इस्तेमाल आखिर नागरिक सुविधाओं के लिए होना चाहिए या फिर प्रचार सामग्री की भरमार के लिए?

Kush Sharma

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