लैम्स पर लगा खाद घोटाले का आरोप, जनदर्शन में फूटा ग्रामीणों का गुस्सा…
Korbavani.com- सिरमिना सहित आसपास के गांवों में खाद की भारी किल्लत और कथित कालाबाजारी को लेकर स्थानीय ग्रामीणों ने कड़ा विरोध जताया है। ग्राम पंचायत सिमिना के जनपद सदस्य भरत सिदार के नेतृत्व में ग्रामीणों ने सोमवार को जनदर्शन में पहुंचकर जिला प्रशासन से शिकायत दर्ज कराई और पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच व सख्त कार्रवाई की मांग की।ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि आदिम जाति सेवा सहकारी समिति (लैम्स) के कर्मचारियों की मिलीभगत से खाद का वितरण अनियमित हो रहा है। स्थानीय किसानों को पर्ची और खाता होने के बावजूद खाद नहीं दी जा रही, जबकि बाहरी क्षेत्रों से आने वाले लोग नगद भुगतान कर आसानी से खाद खरीदकर ले जा रहे हैं।शिकायत में बताया गया कि हर दिन करीब 10 से 18 मोटरसाइकिलों में सवार लोग सूरजपुर जिले के प्रेमनगर, कोरिया जिले के गनपतपुर, गंगापुर, मुगुम, कारीकला जैसे गांवों से आकर यहां से खाद ले जाते हैं। वहीं दूसरी ओर सिमिना, बलदेव नगर, सरसल, महोरा, कोटेया जैसे गांवों के वास्तविक किसान खाद के लिए भटक रहे हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि लैम्स कर्मचारी किसानों की पर्चियां व बैंक खाता नंबर अपने पास रख लेते हैं और साजिशपूर्वक उनके नाम पर परमिट निकालकर खाद को ऊंचे दामों पर बाहर के लोगों को बेच देते हैं। स्थानीय किसान मायूस होकर खाली हाथ लौट रहे हैं।इस दौरान ग्रामीणों ने यह भी मांग की कि इस वर्ष किन-किन किसानों के नाम पर खाद, बीज और ऋण स्वीकृत किया गया है, इसकी सूची सार्वजनिक की जाए और जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो खाद की कालाबाजारी और व्यापक हो सकती है। प्रशासन से यह भी आग्रह किया गया कि लैम्स प्रबंधन की कार्यशैली पर निगरानी रखी जाए और खाद वितरण की पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए, जिससे स्थानीय किसान लाभान्वित हो सकें और कृषि कार्य प्रभावित न हो।




