लिखित समझौता से मुकर रही कंपनी, मृतक मजदूर के परिजनों ने पुलिस अधीक्षक से न्याय दिलाने की मांग की,
कोरबा – बाल्को एलुमिनियम कंपनी में लगभग छह माह पहले 14 फरवरी को बाल्को कंपनी के ग्रीन एनोड प्लांट में कार्य करने के दौरान एक मजदूर की मौत हो गई थी, मृतक मजदूर अगसराम साहू 55 वर्ष वार्ड क्रमांक 16 कोहड़िया चारपारा के निवासी था, हादसे के बाद मौजूद मजदूरों ने जमकर विरोध की गई थी, कड़ी मशक्कत के बाद मजदूरों को शांत करने में पुलिस कामयाब हो पाई थी, इसी बीच बालकों के अधिकारियों ने मृतक के परिजनों से बातचीत कर आपसी समझौता पत्र लिख आश्वासन दिया गया था, समझौता पत्र के दौरान बालकों के यूनियन के जिम्मेदार लोग भी मौजूद थे, जिसमें मृतक के परिजनों को एक व्यक्ति को रेगुलर नौकरी एवं मृतक के वेतन का 90 परसेंट पेंशन, ईडीएलआई 7,20,000 रुपए, पीएफ एवं अन्य मिलने वाली सुविधा का समझौता की गई थी, लेकिन यह समझौता पत्र किसी फाइलों में दब के रह गई है, पुलिस ने बालको के अधिकारी और सेफ्टी इंचार्ज पर केस दर्ज कर दोनों अधिकारियों पर कार्य के दौरान लापरवाही बरतने का आरोप पुलिस ने लगाया था, आपको बता दें कि मृतक अगसराम साहू के परिवारों ने कई बार बालकों के अधिकारियों से समझौता पत्र को लेकर बातचीत की लेकिन बालकों के अधिकारियों ने परिजनों को नजरअंदाज करते दिखे जिसके बाद मृतक के पत्नी ने कोरबा पुलिस अधीक्षक से लिखित में शिकायत कर न्याय की मांग की, वहीं वार्ड पार्षद नरेंद्र देवांगन ने बाल्को कंपनी पर निशाना साधते हुए कहा कि बाल्को कंपनी सिर्फ मजदूरों से अपने कार्य से मतलब रखती है कार्य खत्म हो या कार्य करने वाले मजदूर सिर्फ बाल्को कंपनी द्वारा सौतेला व्यवहार की जाती है, जिसका खामियाजा आज मृतक मजदूर अगसराम साहू का परिवार भुगत रहा, वार्ड पार्षद ने कहा कि मृतक अगसराम साहू की मौत कोई घटना नहीं बल्कि बाल्को द्वारा लापरवाही के साथ की गई हत्या मानना चाहिए चुकि मृतक की पत्नि व परिवार को अगसराम साहू बार बार बताता था, कि बाल्को द्वारा जान की बाजी लगाकर कार्य करवाया जाता है, व घोर लापरवाही की जाती है, जिससे जान का खतरा रहता है, अधिकारियो को बार बार बताने पर भी ध्यान नहीं दिया जाता बल्कि उल्टा डांट दिया जाता था, मृतक अगसराम साहू कि मृत्यु का कारण कंपनी की घोर लापरवाही देखी गई है, वार्ड पार्षद ने यदि बताया कि मेरे उपस्थिति के दौरान बाल्को के अधिकारियों द्वारा तरह तरह की मृतक के परिवार वालों को समझौता पत्र में लिखित कर अनेक वादे किये गए हैं, लेकिन अब तक उन्हें कंपनी से अब तक उचित न्याय नहीं मिला,





