Korbavani.com। वेदांता समूह की कंपनी भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ने अपने पावर डिवीजन में रासायनिक रिसाव की संभावित स्थिति से निपटने के लिए व्यापक मॉक ड्रिल का सफल आयोजन किया। यह अभ्यास 1200 मेगावाट यूनिट-3 एवं 4 के केमिकल प्रोसेस यूनिट (सीपीयू) स्थित कास्टिक सोडा टैंक क्षेत्र में किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य आपातकालीन तैयारी और त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र की प्रभावशीलता को परखना था। कोरबा जिला प्रशासन की मौजूदगी में केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप आयोजित इस मॉक ड्रिल में प्रशासनिक और आपातकालीन सेवाओं के कई अधिकारी शामिल हुए। इनमें औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग, जिला प्रशासन, खनन विभाग, लोक निर्माण विभाग, नगर निगम की फायर टीम और जिला अस्पताल की इमरजेंसी मेडिकल टीम की सक्रिय भागीदारी रही।अभ्यास के दौरान कास्टिक सोडा टैंक के फ्लैंज से रासायनिक रिसाव की काल्पनिक स्थिति बनाई गई। रिसाव की जानकारी मिलते ही ऑपरेटर ने तुरंत सेंट्रल कंट्रोल रूम को सूचना दी, जिसके बाद फायर, मेडिकल, सिक्योरिटी और रेस्क्यू टीमों को अलर्ट किया गया। सभी टीमें निर्धारित समय में मौके पर पहुंचीं और तय सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए स्थिति को नियंत्रित कर लिया। रिसाव पर सफल नियंत्रण के बाद साइट स्तर पर आपातकाल समाप्त घोषित किया गया और पूरी प्रक्रिया की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। अधिकारियों ने मॉक ड्रिल के दौरान टीमों के बेहतर समन्वय, त्वरित प्रतिक्रिया और मजबूत सुरक्षा व्यवस्था की सराहना की। उनका कहना था कि इस तरह के अभ्यास औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा मानकों को बनाए रखने और संभावित खतरों से निपटने के लिए बेहद आवश्यक हैं।कंपनी प्रबंधन ने भी स्पष्ट किया कि संयंत्र में सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। नियमित मॉक ड्रिल, आधुनिक संसाधनों और प्रशिक्षित टीमों के माध्यम से किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने की तैयारी लगातार मजबूत की जा रही है। साथ ही कर्मचारियों और आसपास के समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
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