सभापति चुनाव में भाजपा के अधिकृत प्रत्याशी की हार के बाद शुरू हुई साजिश और गुटबाजी..
Korbavani.com- छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में भाजपा की अंदरूनी गुटबाजी खुलकर सामने आ गई है। नगर पालिक निगम चुनाव में बड़ी जीत के बावजूद सभापति चुनाव में भाजपा के अधिकृत प्रत्याशी की हार ने पार्टी में हलचल मचा दी। इसी बीच, रविवार को एक स्थानीय पत्रकार और भाजपा नेता हितानंद अग्रवाल व भाजयुमो के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य बद्री अग्रवाल के बीच हुई बातचीत का ऑडियो वायरल हो गया, जिससे एक बड़ी साजिश का खुलासा हुआ।
वायरल ऑडियो और भाजपा में साजिश – ऑडियो में यह सामने आया कि भाजपा के कुछ नेता कैबिनेट मंत्री लखन लाल देवांगन और प्रदेश मंत्री विकास महतो पर हार का ठीकरा फोड़ने की रणनीति बना रहे थे। इसे साबित करने के लिए एक सुनियोजित योजना बनाई गई, जिसमें पार्षदों को बयान देने के लिए तैयार किया गया। 8 मार्च को हुए सभापति चुनाव में भाजपा के अधिकृत प्रत्याशी हितानंद अग्रवाल को बागी उम्मीदवार नूतन सिंह ठाकुर से करारी हार मिली थी। इसके बाद भाजपा ने ठाकुर को पार्टी से छह साल के लिए निष्कासित कर दिया और मामले की जांच के लिए पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल के नेतृत्व में तीन सदस्यीय कमेटी गठित की, जो 17 मार्च आज कोरबा पहुंचेगी।
षड्यंत्र की पोल खोलता ऑडियो- ऑडियो में स्पष्ट हुआ कि भाजपा के भीतर एक गुट कैबिनेट मंत्री देवांगन और विकास महतो को निशाना बना रहा था। इसके लिए पार्षदों को बयान देने के लिए तैयार किया गया, और एक पत्रकार को भी इसमें शामिल किया गया। पार्षदों को कैमरे के सामने मनचाहा बयान देने के लिए पैसे का लालच दिया गया। लेकिन इससे पहले कि यह योजना सफल होती, ऑडियो वायरल हो गया और पूरी साजिश उजागर हो गई।
एफआईआर दर्ज कराने पहुंचे भाजपा कार्यकर्ता- ऑडियो के वायरल होते ही भाजपा में हड़कंप मच गया। कई पार्षद, मंडल पदाधिकारी और कार्यकर्ता सिविल लाइन थाना पहुंचे और हितानंद अग्रवाल व बद्री अग्रवाल के खिलाफ साजिश रचने का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज कराने की मांग की।”
छत्तीसगढ़िया नेतृत्व को खत्म करने की साजिश” – नूतन सिंह ठाकुर सभापति ने इस पूरे विवाद पर कहा, “एक मध्यमवर्गीय अधिवक्ता के सभापति बनने से पूंजीवादी वर्ग परेशान है और मुझे हटाने की साजिश रच रहा है। कोरबा में छत्तीसगढ़िया नेतृत्व को खत्म करने का षड्यंत्र चल रहा है।” उन्होंने भाजपा में मौजूद कुछ लोगों पर पूंजीपतियों के इशारे पर राजनीति करने का आरोप लगाया।
अब बड़ा सवाल – ऑडियो किसने वायरल किया? अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि हितानंद अग्रवाल व बद्री अग्रवाल एवं पत्रकार की बातचीत का ऑडियो किसने वायरल किया? सूत्रों के मुताबिक, यह रिकॉर्डिंग पहले से ही किसी के द्वारा तैयार की गई थी और इसमें भाजपा के कुछ नेताओं की मिलीभगत हो सकती है। पार्टी में विरोधी गुट की भूमिका की भी जांच हो रही है। क्या यह भाजपा के भीतर की आपसी लड़ाई का नतीजा है, या फिर किसी बाहरी शक्ति ने इसे लीक किया? इस सियासी घमासान में आगे और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं। पुलिस और पार्टी नेतृत्व इस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रहे हैं।
रिकॉर्डिंग ऑडियो को भाजपा के पदाधिकारी ने किया वायरल




