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बिना नर्सिंग स्टाफ… कैसे चले प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ….

कोरबा 12 दिसंबर कोरबा जिले के सुदूर वनांचल दूरस्थ एवं आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र में संचालित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जहाँ शासन प्रशासन द्वारा 24×7के तर्ज़ पर सेवाएं देंनीरहति हैँ जिसमे शासन प्रशासन द्वारा स्टाफ ki समुचित व्यवस्था किया जाता हैँ जिससे शासन ki मनसा अनुरूप लोगों को निर्बध रूप से स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें इसके लिए डॉक्टर के साथ पर्याप्त नर्सिंग स्टाफ भी उपलब्ध कराएं जाते हैँ जो मुख्य रूप से प्रसव. इंजेक्शन ड्रीप लगाना मरीजों का देख रेख करना केंद्र का व्यवस्थित संचालन आदि में पूर्ण सहयोग प्रदान करते हैँ
लेकिन इसे विडंबना ही कहेंगे कि केंद्र राज्य जिला एवं ब्लॉक लेवल पर हर प्रकार सेउपलब्धि प्राप्त कर एक अलग hi पहचान बना चुके प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लेमरू में वर्तमान में एक भी स्टाफ नर्स नहीं हैँ क्योकि एक स्टाफ मातृत्व अवकाश में हैँ और एक स्टाफ नर्स दोमहीना पूर्व अपना ट्रांसफर कराके चली गई जिससे केंद्र ki स्वास्थ्य सेवाएं बाधित हो रही हैँ यहां यह भी बताना गौरतलबहैँ ki इस केंद्र में प्रति माह 8-10प्रसव और 60-64IPD रहता हैँ इसके आलावा इस केंद्र KI जिला एवं ब्लॉक मुख्यालय SE दूरी लगभग 80किलो मीटर तथा और दूसरे स्वास्थ्य केंद्र अजगरबहार सेदूरी 40किलो मीटर हैँ जबकि जिला एवं ब्लॉक से लगे दूसरे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जिनकी जिला ब्लॉक मुख्यालय से दूरी 10-15किलो मीटर प्रसव 5-6प्रति माह हैँ ऐसे केन्द्रो में 4-4स्टाफ नर्स पदस्थ हैँ. ऐसे में शासन प्रशासन केमहत्त्व पूर्ण एवं जिम्मेदार अधिकारी सेउम्मीद की जाती है कि वे ऐसे दुर्गम दूरस्थ वनांचल क्षेत्र जहाँ सुविधाओं आवागमन एवं शिक्षा के साथ आर्थिक दृष्टि से बहुत पिछड़ा क्षेत्र है ऐसे क्षेत्र के स्वास्थ्य केंद्र के लिए नियम के भीतर जाकर नर्सिंग स्टाफ की व्यवस्था करें जिससे स्वास्थ्य केंद्र की सभी सुविधाओं का उपयोग सही रूप से लोगों को मिल सकें साथ ही केंद्र केव्यवस्थित संचालन में भी सहयोग मिल सकें।

Kush Sharma

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