Korbavani.com। भारतीय मजदूर संघ से संबद्ध अखिल भारतीय आशा कर्मचारी महासंघ के आह्वान पर गुरुवार को जिले की आशा कार्यकर्ताओं एवं मितानिनों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर जिला मुख्यालय में प्रदर्शन किया। इसके बाद प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपा गया।आशा कार्यकर्ताओं का कहना है कि अक्टूबर 2025 में भी देशव्यापी स्तर पर विभिन्न मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा गया था, लेकिन केंद्र और राज्य सरकार की ओर से अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया। मांगों के निराकरण नहीं होने से नाराज महासंघ की 29 एवं 30 जून 2026 को पुणे (महाराष्ट्र) में आयोजित अखिल भारतीय कार्यसमिति की बैठक में चरणबद्ध आंदोलन का निर्णय लिया गया। इसी निर्णय के तहत 9 जुलाई को देशभर के जिला मुख्यालयों के साथ कोरबा में भी आशा कर्मचारी संघ (बीएमएस) के बैनर तले बड़ी संख्या में आशा कार्यकर्ता एवं मितानिनें एकत्रित हुईं और जिला कलेक्टर के माध्यम से प्रधानमंत्री तथा मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में आशा कार्यकर्ताओं ने न्यूनतम मासिक मानदेय 26 हजार रुपये से बढ़ाकर 48 हजार रुपये किए जाने तथा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के अंतर्गत संविलयन की प्रमुख मांग उठाई। इसके अलावा सेवा शर्तों में सुधार और अन्य लंबित मांगों को भी शामिल किया गया है।ज्ञापन कार्यक्रम में भारतीय मजदूर संघ, जिला कोरबा के जिला मंत्री नवरतन बरेठ, मदन लाल श्रीवास, आशा महंत, सोनिया, लक्ष्मी सारथी, शशि कंवर सहित बड़ी संख्या में आशा कार्यकर्ता एवं संगठन के पदाधिकारी उपस्थित रहे।





