Korbavani.com। SECL के दीपका मेगा प्रोजेक्ट में बुधवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब खनन कार्य में लगी निजी कंपनी कलिंगा कमर्शियल के एक भारी-भरकम डंपर में अचानक भीषण आग लग गई। आग ने देखते ही देखते पूरे वाहन को अपनी चपेट में ले लिया और कुछ ही देर में डंपर जलकर लोहे के ढांचे में तब्दील हो गया। गनीमत रही कि चालक ने समय रहते वाहन से बाहर निकलकर अपनी जान बचा ली। घटना में किसी जनहानि की सूचना नहीं है। बताया जा रहा है कि डंपर खदान के भीतर परिचालन में था। इसी दौरान इंजन की ओर से अचानक धुआं निकलने लगा। चालक कुछ समझ पाता, इससे पहले ही धुआं आग की लपटों में बदल गया। देखते ही देखते आग ने केबिन सहित पूरे डंपर को घेर लिया। मौके पर मौजूद कर्मचारियों में अफरा-तफरी मच गई। वाहन में अग्निशमन यंत्र मौजूद था, लेकिन आग इतनी तेजी से फैली कि उसका प्रभावी इस्तेमाल नहीं हो सका। कुछ ही देर में डंपर धू-धूकर जल उठा और काले धुएं का गुबार दूर तक दिखाई दिया।समय पर देखरेख होती तो टल सकता था बड़ा नुकसान? घटना के बाद अब भारी वाहनों की नियमित मेंटेनेंस और तकनीकी जांच को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। चर्चा है कि यदि कंपनी स्तर पर वाहनों की समय-समय पर समुचित देखरेख, इंजन और इलेक्ट्रिकल सिस्टम की जांच तथा संभावित तकनीकी खामियों का समय रहते पता लगाया जाता, तो शायद वाहन में लगी आग को शुरुआती स्तर पर ही रोका जा सकता था और इतने बड़े नुकसान से बचा जा सकता था। प्रारंभिक तौर पर आग लगने की वजह इलेक्ट्रिकल शॉर्ट सर्किट बताई जा रही है, हालांकि आग का वास्तविक कारण जांच के बाद ही स्पष्ट होगा। घटना ने एक बार फिर खदानों में संचालित भारी वाहनों की सुरक्षा व्यवस्था और नियमित तकनीकी निरीक्षण की गंभीरता को सामने ला दिया है।
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