आरोपी को मृत्युदंड देने की उठी मांग, उत्तर प्रदेश पुलिस की कार्रवाई का दिया हवाला…
Korbavani.com। रजगामार क्षेत्र में सात वर्षीय मासूम भव्या की हत्या के मामले में मुख्य आरोपी के रूप में संदेही अमित चौहान की गिरफ्तारी के बाद भी लोगों का आक्रोश थमने का नाम नहीं ले रहा है। चार दिनों तक लापता रही बच्ची का शव मिलने के बाद से ही क्षेत्र में गम, गुस्से और असुरक्षा का माहौल है। 22 अक्टूबर रात बांगो के जंगलों से गिरफ्तार किए गए संदेही को बालको थाना में रखकर पुलिस पूछताछ और मामले की जांच कर रही है। वहीं, घटना को लेकर ग्रामीणों ने चक्काजाम कर पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
हत्या के साथ दरिंदगी की आशंका, न्याय की मांग- मासूम के साथ हुई इस जघन्य वारदात ने लोगों को झकझोर दिया है। घटना को लेकर बच्ची के साथ दुष्कर्म की आशंका भी जताई जा रही है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि जांच और मेडिकल रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगी। ग्रामीणों में बच्ची को जल्द न्याय दिलाने और आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग तेज हो गई है। प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों ने आरोपी के लिए मृत्युदंड की मांग भी उठाई।
पुलिस प्रशासन पर उठे सवाल, यूपी पुलिस का दिया उदाहरण- आक्रोशित लोगों ने पुलिस की कार्यप्रणाली और क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए। प्रदर्शनकारियों के बीच उत्तर प्रदेश की पुलिस कार्रवाई और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सख्त कानून-व्यवस्था नीति का भी उल्लेख हुआ। कुछ लोगों ने कहा कि गंभीर अपराधों में उत्तर प्रदेश की तरह सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। बुलडोजर कार्रवाई की मांग और कोरबा पुलिस को उत्तर प्रदेश पुलिस से सीख लेने की नसीहत भी सुनाई दी।फिलहाल, मामले की जांच जारी है। क्षेत्र में तनावपूर्ण माहौल के बीच लोगों की मांग है कि पुलिस निष्पक्ष जांच कर दोषी को कानून के तहत कठोरतम सजा दिलाए।




