कोरबा

इंडस पब्लिक स्कूल दीपका में संचालित समर कैंप में क्रिकेट एवं फुटबॉल की हर बारीकी से अवगत हो रहे प्रतिभागी।

खेल हममें कई प्रकार की आंतरिक शक्तियों का विकास करता है यह हममें अनुशासन का भाव पैदा करता है-डॉक्टर संजय गुप्ता।

Korbavani.com- पुष्ट और स्फूर्तिमय शरीर ही मन को स्वस्थ बनाता है। खेलकूद मानव मन को प्रसन्न और उत्साहित बनाए रखते हैं। खेलों से नियम पालन के स्वभाव का विकास होता है और मन एकाग्र होता है। खेल में भाग लेने से खिलाड़ियों में सहिष्णुता,धैर्य और साहस का विकास होता है तथा सामूहिक सद्भाव और भाईचारे की भावना बढ़ती है। यदि हम कुछ पलों के लिए इतिहास की ओर देखें या किसी सफल व्यक्ति के जीवन पर प्रकाश डालें तो हम देखते हैं कि, नाम, प्रसिद्धी और धन आसानी से नहीं आते हैं। इसके लिए लगन, नियमितता, धैर्य, और सबसे अधिक महत्वपूर्ण कुछ शारीरिक क्रियाओं अर्थात् स्वस्थ जीवन और सफलता के लिए एक व्यक्ति को शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य की आवश्यकता होती है। नियमित शारीरिक गतिविधियों में शामिल होने के लिए खेल सबसे अच्छा तरीका है। किसी भी व्यक्ति की सफलता मानसिक और शारीरिक ऊर्जा पर निर्भर करती है। इतिहास बताता है कि, केवल वर्चस्व (प्रसिद्धी) ही राष्ट्र या व्यक्ति पर शासन करने की शक्ति है। इंडस पब्लिक स्कूल दीपका में विगत 11 दिनों से संचालित समर कैंप में प्रतिभागी फुटबॉल एवं क्रिकेट जैसे विश्व प्रसिद्ध खेलों की हर बारीकी से अवगत हो रहे हैं उन्हें नियमित रूप से इन दोनों खेलों का अभ्यास करवाया जाता है तथा इनके नियम कायदे बताए जाते हैं। क्रिकेट एवं फुटबॉल खेल के लिए विद्यार्थियों को दो अलग-अलग टीम में बैठकर प्रतिदिन मैच कराए जाते हैं और विजेता तथा उपविजेता घोषित किया जाता है खेल के मध्य में खेल प्रशिक्षक बच्चों को खेल के नियम और खेलने के तरीके बताते रहते हैं खेल समाप्त होने के बाद सब खिलाड़ियों को भतार व्रत करके उनका उत्साहवर्धन किया जाता है तथा उनसे होने वाली गलतियों से अवगत कराकर सुधारने का प्रयास करने हेतु प्रेरित किया जाता है। *यहां यह बताना लाजिमी होगा कि इंडस पब्लिक स्कूल के खेल प्रशिक्षकों के साथ ही फुटबॉल खेल के विशेषज्ञ एवं उच्च स्तर के खिलाड़ी सोनाराम हेमब्रॉम का सतत सहयोग समर कैंप के प्रतिभागियों को मिल रहा है। जिनके मार्गदर्शन में विद्यार्थी फुटबॉल खेल की बेहतर प्रैक्टिस करते नजर आते हैं ।वह सतत रूप से फुटबॉल खेल की हर बारीकी से अवगत कराते हैं,तथा खेलने का तरीका समझाते हैं। फुटबॉल खेल के नियम समझा कर खिलाड़ियों को गोल पोस्ट तक फुटबॉल को कैसे ले जाना है तथा डिफेंड कैसे करना है इन सभी बातों को बहुत बारीकी से समझाते हैं, और अपने सुपरविजन में प्रतिदिन फुटबॉल का मैच कराते हैं । लगातार अभ्यास करते- करते सोनाराम हेंब्रोम जी के मार्गदर्शन में खिलाड़ियों में भी वही ऊर्जा नजर आती है। सभी प्रतिभागी अब फुटबॉल बहुत ही अच्छा खेलने लगे हैं।क्रिकेट खेल में भी विद्यार्थी सतत रूप से विद्यालय के ग्राउंड में अभ्यास करते हैं तथा क्रिकेट की हर बारीकी से विद्यालय के खेल प्रशिक्षक असीम रहमान विद्यार्थियों को अवगत कराते हैं वह विद्यार्थियों को क्रिकेट पिच की लंबाई ग्राउंड की लंबाई चौड़ाई खेलने के नियम इत्यादि प्रतिदिन समझाते हैं विकेट कैसे लेना है विकेट कैसे बचाना है रन कैसे बटोरने है इत्यादि बातों का वह सतत विद्यार्थियों को ज्ञान देते हैं और प्रतिदिन खिलाड़ियों को दो अलग-अलग टीमों में विभाजित कर क्रिकेट का मैच कराते हैं लगातार अभ्यास करने से विद्यार्थियों में भी क्रिकेट के प्रति लगन हुआ रुचि नजर आती है कोई बहुत अच्छा बैटिंग करता नजर आता है तो कोई बहुत अच्छा फील्डिंग और कोई बहुत अच्छा बॉलिंग करता नजर आता है । में फुटबॉल और क्रिकेट के मैच में रोमांचक भी देखने को मिलता है। प्रतिदिन सुबह-सुबह जैसी प्रतिभागी विद्यालय पहुंचते हैं, एरोबिक्स एक्सरसाइज के साथ-साथ उन्हें वर्मप कराया जाता है तत्पश्चात मैदान में ले जाकर लगातार खेल का अभ्यास करवाया जाता है। समर कैंप मैं खेल एक्टिविटी के तहत विभिन्न प्रकार के खेल विद्यार्थियों को करवाए एवं सिखाए जाते हैं जिसमें क्रिकेट एवं फुटबॉल का भी अभ्यास सतत रूप से विद्यार्थियों को करवाया जा रहा है। फुटबॉल प्रशिक्षक सोनाराम हेंब्रोम जी ने कहा कि खेलने से हमारा तन और मन दोनों स्वस्थ होता है ।यह हममें आत्मविश्वास जागृत करते हैं तथा नेतृत्व की भावना का विकास करता है। फुटबॉल का खेल हमें स्फूर्ति पैदा करता है यह हमें तन और मन से तंदुरुस्त करता है इससे हम दिनभर तरोताजा महसूस करते हैं लगातार दौड़ने से और फुटबॉल में अपना मन एकाग्र करने से जहां एक और हमें स्पूर्ति रहती है वही हमारी एकाग्रता का भी विकास होता है हम कोई भी खेल खेलने हमें खिलाड़ी भावना अवश्य होनी चाहिए ।हमें खेलते समय किसी को चोट पहुंचाने का प्रयास नहीं करना चाहिए। अगर कोई चोटिल हो जाता है तो हमारा फर्ज बनता है हम उन्हें शीघ्र अति शीघ्र तत्कालिक सहायता मुहैया कराएं ।आखिर प्रतिद्वंदी भी हमारे भाई या मित्र ही होते हैं।

विद्यालय के प्राचार्य डॉ संजय गुप्ता ने कहा कि- खेल हममें कई प्रकार की आंतरिक शक्तियों का विकास करता है ।यह हममें अनुशासन का भाव पैदा करता है। खेल चाहे कोई भी हो क्रिकेट हो, फुटबॉल, कबड्डी हो, खो-खो हो या कोई भी एथलीट गेम हो , हममें नेतृत्व क्षमता, अनुशासन व परस्पर सहयोग की भावना का विकास करता है। खेल हमें अंदर से मजबूत करता है ।यह हमें शारीरिक और मानसिक दोनों रूप से मजबूत करता है। हमारा प्रयास रहता है कि हम बच्चों को प्रत्येक क्षेत्र में आगे ले जाएं। हम विद्यार्थियों में छिपी हर प्रतिभा को निखारने का प्रयास करते हैं, और करते रहेंगे। हम खेल के क्षेत्र में विद्यार्थियों को एक नया आयाम देना चाहते हैं, और हमारी शुरुआत हो चुकी है। हम अपने विद्यालय से ही अच्छे स्तर के खिलाड़ी फुटबॉल और क्रिकेट दोनों ही में बनाना चाहते हैं। और इसके लिए हमारा प्रयास प्रारंभ हो चुका है। इसका परिणाम भी बहुत ही जल्द हम सबके सामने रहेगा ।ना सिर्फ समर कैंप में अपितु निरंतर चलने वाले विद्यालय समय में भी विद्यार्थियों को अलग से ही खेल का कालखंड देते हैं ,जिसमें विद्यालय के खेल प्रशिक्षक विद्यार्थियों को क्रिकेट ,फुटबॉल सहित अन्य खेलों में भी पारंगत करने का प्रयास करते हैं।

Kush Sharma

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