आई पी एस दीपका के समर कैंप में साइकोमेट्रिक ड्रिल में भाग लेने हेतु विद्यार्थियों में जबरदस्त उत्साह ।
Korbavani.com- एक साइकोमेट्रिक टेस्ट या साइकोमेट्रिक मूल्यांकन एक व्यक्ति के संज्ञानात्मक कौशल और व्यक्तित्व लक्षणों का मूल्यांकन है। यह आकलन करने में मदद करता है कि क्या व्यक्ति एक विशिष्ट पेशेवर भूमिका में संपन्न होने में सक्षम है। साइकोमेट्रिक परीक्षण मानसिक क्षमता और व्यवहार शैली के उन पहलुओं को समझने में मदद कर सकता है जिन्हें संगठन बातचीत और साक्षात्कार के दौरान मापने में असमर्थ हैं। साइकोमेट्रिक परीक्षण एक मानक और वैज्ञानिक पद्धति है जो शैक्षिक या नैदानिक सेटिंग में समान रूप से महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। यह तार्किक तर्क, उद्योग-विशिष्ट योग्यता, भूमिका-विशिष्ट गुण, व्यक्तित्व के प्रकार और अधिक जैसे मापदंडों की एक विस्तृत श्रृंखला का निष्पक्ष मूल्यांकन भी प्रदान करता है। एक साइकोमेट्रिक टेस्ट किसी व्यक्ति के मनोवैज्ञानिक गुणों जिसमें क्षमताएँ, कौशल, व्यक्तित्व और बुद्धि शामिल हैं, का मूल्यांकन करने की एक स्टैंडर्ड विधि है। इस टेस्ट का उद्देश्य व्यक्तित्व में कुछ विशिष्ट लक्षणों को जाँचना होता है, जो उसे नौकरी के लिए उपयुक्त बनाते हैं। इस विधि के माध्यम से बच्चों के अंदर छिपी प्रतिभाओं को बाहर निकाला जाता है ।बच्चों में अनगिनत प्रतिभाएं छिपी रहती हैं। साइकोमेट्रिक ड्रिल विधि न सिर्फ मानसिक तनाव को दूर करता हैं बल्कि बच्चों में छिपी प्रतिभा को भी बाहर निकालने का प्रयास किया जाता है। इंडस पब्लिक स्कूल में साइकोमेट्रिक ड्रिल से बच्चों को जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है जिससे बच्चे लाभान्वित हो रहे हैं। सोचने की क्षमता, बोलने की क्षमता, त्वरित निर्णय लेने की क्षमता इत्यादि क्षमताओं का विकास साइकोमेट्रिक ड्रिल की विधि सिखाया जा रहा है।अक्सर देखने में आता है कि बहुत सारे बच्चे पढ़ाई में बहुत अच्छा प्रदर्शन नही कर पाते हैं, लेकिन वही बच्चे खेल या किसी अन्य क्षेत्र में बहुत अच्छा कर जाते हैं।इसका मतलब यह हुआ कि हर एक बच्चे में एक अद्भुत प्रतिभा छुपी हुई होती है। जिसे बाहर लाने का कार्य साइकोमेट्रिक ड्रिल करता है ।इस ड्रिल के माध्यम से खेल खेल में बहुत सारी एक्टिविटीज के द्वारा सिखाने का प्रयास किया जा रहा है। इस ड्रिल के माध्यम से आर्ट टीम के अनुभवी प्रशिक्षकों एवम राष्ट्रीय खिलाड़ियों के द्वारा इंडस पब्लिक स्कूल दीपका में बहुत सारी गतिविधियां कराई जा रही हैं। जिसके अंतर्गत खेल के जरिए कौशल विकास का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। राष्ट्रीय कोचस और अंतर्राष्ट्रीय अनुभवी खिलाड़ियों के द्वारा विद्यालय के समर कैंप में विभिन्न प्रकार की गतिविधियां कराई जा रही हैं। इन गतिविधियों के अंतर्गत विद्यार्थियों को इंडिविजुअली एवं अलग-अलग ग्रुप में विभाजित कर अनेक प्रकार के शारीरिक एवं मानसिक गतिविधियां कराई जा रही है एवं विद्यार्थियों के कौशल, नेतृत्व ,व्यक्तित्व तथा त्वरित निर्णय लेने की क्षमता का विकास करने का प्रयास किया है। आर्ट एकेडमी के द्वारा इंडस पब्लिक स्कूल दीपका के विद्यार्थियों की और स्कूल के अध्यापकों की सराहना की गई। विद्यार्थियों को स्वयं का मूल्यांकन करने की, शिक्षकों के सम्मान करने की, अपने कार्य क्षेत्र से प्रेम करने की एवं पढ़ाई के प्रति सतत जागरूक रहने का सुझाव दिया।
इंडस पब्लिक स्कूल के प्राचार्य डॉ0 संजय गुप्ता- ने बताया कि छात्रों को अपना करियर चुनने के लिए भर्ती प्रक्रिया के एक भाग के रूप में किया जाता है। छात्रों के लिए साइकोमेट्रिक टेस्ट से उन्हें अपने अंदर के अज्ञात कौशल और प्रतिभा को खोजने में मदद मिलेगी, जिससे यह तय होगा कि उन्हें अपनी पढ़ाई में आगे बढ़ने के लिए कौन सा करियर रास्ता अपनाना है, ‘साइक’ शब्द का अर्थ है ‘माइंड’ और ‘मेट्रिक’ का अर्थ है ‘माप’। कुल मिलाकर, यह बस किसी के मन को मापना है। स्कूली छात्रों के साथ-साथ उनके माता-पिता के लिए भी दुनिया में बहुत सारे साइकोमेट्रिक परीक्षण उपलब्ध हैं। हम छात्रों और अभिभावकों को उनके अध्ययन के भविष्य के पाठ्यक्रम के बारे में सूचित निर्णय लेने के लिए साइकोमेट्रिक परीक्षण प्रदान करते हैं।साइकोमेट्रिक प्रशिक्षकों की प्रशंसा करते हुए विद्यार्थियों की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी विद्या के क्षेत्र में सदैव नए कार्य करते रहें और अपने जीवन को सुव्यवस्थित तरीके से जिएं ।उन्होंने विद्यार्थियों के उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि यदि हम किसी भी कार्य को पूरे मन से करें तो हमें अवश्य सफलता मिलती है।हम कोई भी कार्य मजे से करें मजबूरी में नहीं।हम सदैव विद्यार्थियों के हित में कार्य करते हैं और करते रहेंगे ।




