कॉपी-पेस्ट बजट” के आरोपों से गरजा विपक्ष, सत्ता का पलटवार—हंगामेदार माहौल में बहुमत से मिली मंजूरी…
Korbavani.com। नगर पालिक निगम कोरबा की साधारण सभा बुधवार को जोरदार हंगामे, आरोप-प्रत्यारोप और तीखी बहस के बीच संपन्न हुई। भारी विरोध के बावजूद वित्तीय वर्ष 2025-26 का पुनरीक्षित बजट और 2026-27 का अनुमानित बजट अंततः बहुमत से पारित कर दिया गया। बजट के विरोध में केवल चार पार्षदों ने हाथ उठाकर असहमति जताई, लेकिन पूरे घटनाक्रम में विपक्ष ने अपने आक्रामक तेवर से माहौल गरमा दिया।सभा शुरू होने से पहले ही नेता प्रतिपक्ष कृपा राम साहू के नेतृत्व में विपक्षी पार्षद अनोखे अंदाज में विरोध दर्ज कराते नजर आए। पार्षद कंधों पर लकड़ी रखकर नारेबाजी करते हुए सभागार पहुंचे। उनका कहना था कि यह प्रतीकात्मक विरोध है, जो शहर में व्याप्त अंधेरा, अव्यवस्था और जल संकट को दर्शाता है। नेता प्रतिपक्ष ने 915 करोड़ रुपए के बजट को “कॉपी-पेस्ट बजट” करार देते हुए आरोप लगाया कि करोड़ों के प्रावधान के बावजूद आम जनता को बुनियादी सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। पं. जवाहरलाल नेहरू सभागार में आयोजित इस बैठक की अध्यक्षता सभापति नूतन सिंह ठाकुर ने की। महापौर संजू देवी राजपूत और आयुक्त आशुतोष पाण्डेय की मौजूदगी में बैठक की शुरुआत हुई। प्रारंभ में पार्षदों के प्रश्नों और उनके जवाब प्रस्तुत किए गए। खास बात यह रही कि पहली बार 30 मिनट का ध्यानाकर्षण समय भी तय किया गया, जिसमें पांच पार्षदों ने विभिन्न जनहित के मुद्दे उठाए और उन पर चर्चा हुई।बैठक के दौरान सदन में कई बार तीखी नोकझोंक देखने को मिली। विपक्ष के आरोपों पर सत्तापक्ष के पार्षदों—नरेंद्र देवांगन, हितानंद अग्रवाल और चंद्रलोक सिंह सहित अन्य ने पलटवार करते हुए बजट का बचाव किया। उन्होंने कहा कि बजट विकासोन्मुखी है और शहर के समग्र विकास के लिए तैयार किया गया है।साधारण सभा में कुल तीन प्रस्ताव बहुमत से और पांच प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किए गए। वहीं बुधवारी बाजार पुनर्विकास परियोजना से जुड़ा प्रस्ताव फिलहाल होल्ड पर रखा गया। सामाजिक सहायता कार्यक्रमों के तहत पेंशन योजना, राष्ट्रीय परिवार सहायता योजना और मुख्यमंत्री पेंशन योजना की पुष्टि संबंधी प्रस्तावों को सर्वसम्मति से मंजूरी मिली। इसके अलावा स्व. केशवलाल मेहता स्मृति क्रिकेट प्रतियोगिता 2026 के आयोजन के लिए आर्थिक सहयोग और जाति प्रमाण पत्र जारी करने संबंधी प्रस्ताव भी सर्वसम्मति से पारित किए गए।वहीं मुड़ापार तालाब के विकास, संचालन और रखरखाव के लिए पीपीपी मॉडल पर प्रस्ताव तथा एटीएम, दुकानों और वातानुकूलित बस क्यू-शेल्टर निर्माण से जुड़े प्रस्ताव बहुमत से पास किए गए।तीखी बहस और हंगामे के बीच महापौर द्वारा बजट प्रस्तुत किया गया, जिस पर लंबी चर्चा चली। अंततः सदन ने बहुमत के साथ बजट को मंजूरी दे दी। हालांकि विपक्ष ने साफ कर दिया है कि वे शहर की मूलभूत समस्याओं को लेकर आगे भी आवाज उठाते रहेंगे।




