Korbavani.com- कोरबा जनपद की ग्राम पंचायत सोनगुढ़ा के आश्रित ग्राम औराकछार में अवैध रेत खनन और भंडारण का सिलसिला लगातार जारी है। क्षेत्रीय ग्रामीणों को इस अवैध गतिविधि की पूरी जानकारी होने के बावजूद, खनिज विभाग और वन विभाग की चुप्पी से प्रशासनिक मिलीभगत की आशंका गहराने लगी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम क्षेत्र की नदियों (संभावित गजरा या उसके सहायक नाले) से जेसीबी मशीनों के माध्यम से प्रतिदिन भारी मात्रा में रेत का अवैध उत्खनन किया जा रहा है। इसके बाद इस रेत को औराकछार गांव में स्थित एक निजी भूमि पर अस्थायी भंडारण स्थल में डंप किया जा रहा है, जहां से उसे ऊंचे दामों में बेचा जा रहा है। ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि यह संपूर्ण गतिविधि स्थानीय रोजगार सहायक एवं ग्राम पंचायत के कुछ जनप्रतिनिधियों की मौन सहमति से चल रही है। राजस्व व खनिज विभाग के बीच समन्वयहीनता का फायदा उठाकर यह अवैध रेत माफिया क्षेत्र में सक्रिय हैं।
दो दिन पहले हुआ भारी रेत परिवहन, प्रशासन बेखबर- 2 जून को ग्रामीणों ने तीन बड़े ट्रेलर और एक जेसीबी मशीन द्वारा अवैध रेत भंडारण स्थल से भारी मात्रा में रेत के परिवहन की जानकारी दी, लेकिन आज तक ना तो कोई जांच हुई, ना ही कोई FIR दर्ज की गई। यह दर्शाता है कि जिम्मेदार अधिकारी मौन स्वीकृति के साथ इस कार्य को नजरअंदाज कर रहे हैं। कानून व्यवस्था पर संकट, सरकार को राजस्व का नुकसान खुलेआम चल रहे इस रेत कारोबार से सरकार को अब तक लाखों रुपये के राजस्व की क्षति हो चुकी है। साथ ही, रेत ढुलाई में शामिल भारी वाहनों के कारण ग्रामीण सड़कों की हालत बिगड़ रही है, जिससे कानून व्यवस्था और आम जनजीवन पर असर पड़ रहा है।
जांच और कठोर कार्रवाई की मांग– ग्रामवासियों व जागरूक नागरिकों ने कलेक्टर कोरबा, जिला खनिज अधिकारी एवं वन मंडल अधिकारी (DFO) से मांग की है कि इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदारों पर आपराधिक मामला दर्ज किया जाए। साथ ही, भंडारण स्थल को तत्काल सील कर रेत का अवैध भंडारण समाप्त कराया जाए।




