Korbavani.com- जनपद पंचायत पोंडी उपरोड़ा अंतर्गत आने वाला ग्राम कुकरीकाडन आज भी 21वीं सदी में मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहा है। कटोरीनगोई, मेरई और रावा ग्राम पंचायत क्षेत्रों की सीमाओं में आने वाले इस गांव में सैकड़ों लोग निवास करते हैं, लेकिन बिजली, पानी, स्वास्थ्य और सड़क जैसी बुनियादी आवश्यकताओं का अभाव आज भी बना हुआ है।
बिजली और पानी का संकट– ग्रामीणों ने बताया कि गांव में आज तक बिजली का एक भी कनेक्शन नहीं दिया गया है। गर्मियों में पीने के पानी के लिए लोगों को 2,000 रुपये खर्च कर ट्रैक्टर से पानी मंगवाना पड़ता है। प्राकृतिक जल स्रोतों पर निर्भरता और उनकी घटती क्षमता ने हालात को और बदतर बना दिया है।
स्वास्थ्य सुविधा से कोसों दूर– इलाज के लिए ग्रामीणों को भारी परेशानी उठानी पड़ती है। नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र कटोरीनगोई स्थित है, जो गांव से करीब 40 किलोमीटर दूर है। आपात स्थिति में मरीजों को खटिया पर लिटाकर जंगल के संकरे पगडंडी रास्तों से लगभग 6 किलोमीटर तक पैदल ले जाना पड़ता है। यह रास्ता दुर्गम होने के साथ-साथ जंगली जानवरों के खतरे से भी भरा रहता है।
सड़क नहीं, जोखिम भरा सफर– ग्रामीणों को हर महीने राशन लाने के लिए भी यही पगडंडी पार करनी पड़ती है। बारिश के दिनों में यह मार्ग और भी खतरनाक हो जाता है। ग्रामीणों की एकमात्र मांग है कि इस पगडंडी को पक्की सड़क में बदला जाए ताकि उनका जीवन कुछ हद तक आसान हो सके।
प्रशासन से लगाई गुहार– ग्रामवासियों ने कोरबा कलेक्टर अजीत वसंत से मांग की है कि ग्राम कुकरीकाडन की बदहाली को गंभीरता से लिया जाए और यहां जल्द से जल्द बिजली, पानी, स्वास्थ्य सेवाएं और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। वर्षों से प्रशासनिक उपेक्षा झेल रहे इस गांव की सुध लेना अब अत्यंत आवश्यक हो गया है।




