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गुलमोहर के पेड़ों के बाद अब साल के हरे भरे पेड़ों में लगा ग्रहण, हरा भरा पेड़ सूखने लगे,

कोरबा   – कोरबा बालकों वन परीक्षेत्र की रेंज में यह नजारा देखने को मिलेगा कि साल का हरा भरा पेड़ सूखने लगे ऐसा कौन सा कीड़ा पेड़ों में अपना कब्जा कर बैठते हैं, जिससे हरा भरा पेड़ सूखने लगते हैं, इससे पहले गुलमोहर के पेड़ों में कीड़े का असर देखने को मिला था, जो हरा भरा पेड़ों को नष्ट कर दिए थे, अब यह नजारा साल के पेड़ों में देखने को मिल रहा है,  जो हरे हरे पौधों को पूरा सूखा रोग व तना छेदक कीट हरियाली का दुश्मन बन रहा है। रोग के प्रकोप से साल का हरा भरा पेड़ कुछ महीनों में ही सूख कर ढांचे में तब्दील हो जाता है। अफसोस की बात यह है कि वन विभाग अमला का नजर अब तक साल के सूखे पेड़ों पर ध्यान नहीं, कीट के प्रौढ़ हो जाने पर तने में सुराख साफ- साफ दिखाई देने लगता है। उपचार न होने की दशा में कीट तने को खोखला कर देते हैं। इससे पेड़ सूखने लगता है। वहीं उल्टा सूखा रोग लगातार सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी के चलते तेजी पकड़ता है। इसमें पत्तियां ऊपर से सूखना शुरू होती हैं जो नीचे की ओर बढ़ती जाती हैं। लेकिन अफसोस की बात यह है कि वन विभाग अधिकारियों का वन बचाओ को लेकर गंभीर नहीं दिख रहे हैं जिन की लापरवाही की खामियाजा साल के हरे भरे पेड़ सूखने लगे,


भाजपा अल्पसंख्यक के कार्यकारिणी सदस्य सैदर खान- ने साल के हर भरे पेड़ों के सूखे एवं खोखले पेड़ों पर सवाल उठाते हुए कहां की बालको वन परीक्षेत्र से कॉफी प्वाइंट  मार्ग के दोनों ओर हरे भरे साल के पेड़ों में से कई पेड़ सुख चुके हैं। समय पर इस गंभीर समस्या का निराकरण नहीं किया गया तो आने वाले समय में आधे से ज्यादा पेड़ सिर्फ ठूंठ एवं सूखे में तब्दील हुए नजर आएंगे। हालांकि कई पेड़ हरे-भरे दिखाई दे रहे है, लेकिन इन पर ऐसा कौन सा कीड़ा लगी हुई है। जिससे साल के पेड़ सुख रहें है एवं भीतर से खोखले हो रहे हैं। इस और वन विभाग अमला को गंभीरता दिखाने की जरूरत है,

Kush Sharma

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