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पी. एच. डी. की उपाधि हासिल कर व अपनी बुद्धिमत्ता प्रदर्शित कर परिवार और क्षेत्र को गौरवान्वित किया प्रियंका गुप्ता ने,

कोरबा – यूँ तो शिक्षा अनवरत व जीवन पर्यन्त चलने वाली प्रक्रिया है। जब से मानव सभ्यता ने शिक्षा के क्षेत्र में पदार्पण किया है तब से लेकर आज तक शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर शोध होते रहे हैं। और किए गए शोधों व अनुसंधान ने भावी पीढ़ियों का हमेशा से मार्ग प्रशस्त किया है। शिक्षा के क्षेत्र में किए गए शोधों के ही फलस्वरूप हमारे देश में तक्षशिला व नालंदा जैसे विश्वविद्यालय स्थापित हुए जहाँ से चाणक्य जैसे राजनीतिज पाणिनी जैसे वैयाकरण व जीवक जैसे चिकित्सक प्रकट हुए। शिक्षा के क्षेत्र में अनुसंधान या शैक्षिक अनुसन्धान से तात्पर्य उस अनुसंधान से होता है जो शिक्षा के क्षेत्र में किया जाता है। उसका उद्देश्य शिक्षा के विभिन्न पहलुओं आयाम, प्रक्रियाओं आदि के विषय में नवीन ज्ञान का वर्तमान ज्ञान की सत्यता का परीक्षण व विकास एवं भावी योजनाओं की दिशाओं का निर्धारण करना होता है। डॉक्टर ऑफ फिलासोफी या पी. एच. डी. ‘विश्वविद्यालयों द्वारा प्रदत्त उच्च शैक्षिक डिग्री है। किसी को प्रदान की जाने वाली यह प्रायः सर्वोच्च डिग्री है। पी.एच. डी० एक उन्नत शैक्षणिक डिग्री है, जिसे विश्वविद्यालयों द्वारा सम्मानित किया गया है। पीएचडी की उपाधि हासिल करने के लिए बहुत ही धैर्य व लगन तथा ईमानदारी की आवश्यकता होती है। चुने गए विशेष विषय पर निरंतर शोध करना होता है तथा प्रत्येक बिंदु पर विचार कर एक उत्कृष्ट शोध लेख प्रस्तुत किया जाता है तब कहीं इतने परिश्रम के पश्चात पी.एच. डी. की उपाधि मिलती है। उपरोक्त सभी बातों को सत्य साबित करने हुए शिक्षिका प्रियंका गुप्ता ने कॉमन वेल्थ यूनिवर्सिटी के दवारा पी. एच. डी.  उपाधि प्राप्त की।उन्होंने’ बॉटनी विषय पर अपना शोध प्रस्तुत किया। अपनी उच्च गुणवत्ता पूर्ण शोध लेख के दवारा उन्होंने सभी विशेषज्ञों को प्रभावित किया। सीईडी फाऊंडेशन द्वारा आयोजित एजुकेशनल समिट के भव्य समारोह में ख्यातिलब्ध हस्तियों के करकमलों से प्रियंका गुप्ता को पी. एच. डी. की उपाधि प्रदान की गई। गौरतलब है कि  प्रियंका गुप्ता को अभी हाल ही में ‘शिक्षा रत्न अवार्ड से भी सम्मानित किया गया था । पी.एच.डी. की उपाधि प्राप्त कर प्रियंका गुप्ता ने साबित कर दिया कि दृढ इच्छा शक्ति के बलबूते इनसान कुछ भी हासिल कर सकता चाहे परिस्थितियां कितनी भी विपरीत क्यों ना हो। डॉक्टर प्रियंका गुप्ता ‘बायोलॉजी एवं बाँटनी दोनों विषयों पर पूरा अधिकार रखती हैं। दोनों ही विषयों पर उनका ज्ञान काबिले तारीफ है। विद्यार्थियों के मध्य भी वे एक अच्छी व विदुषी शिक्षिका के रूप में विख्यात हैं। प्रियंका गुप्ता ने अपनी इस कामयाबी का श्रेय  पति डॉ. संजय गुप्ता सहित अपने परिवार के सभी सदस्यों एवं शुभचिंतकों को दिया। डॉ. प्रियंका गुप्ता ने कहा कि पीएचडी की प्राप्त कर हर्ष का अनुभव हो रहा है।शिक्षा के प्रचार-प्रसार सहित स्वयं का ज्ञानकोष बढ़ाने की दिशा में प्रयासरत रहूँगी। मेरा एकमात्र उद्देश्य प्रत्येक विद्यार्थी को बेहतर व सरल शिक्षा उपलब्ध कराना है। इस दिशा में हमेशा प्रयासरत रहूंगी। जब तक जीवन है तब-तक सीखती व सिखाती रहूंगी।

Kush Sharma

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