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भाजपा अल्पसंख्यक के सदस्यों ने बीहड़ वनांचल क्षेत्र खोखराआमा शासकीय प्राथमिक स्कूल में महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री जी की जयंती मनाई, 

कोरबा – कोरबा जिले के अलावा ग्रामीण इलाकों में भी महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री का भावपूर्ण स्मरण किया गया। कोरबा जिले से लगभग 30 किलोमीटर दूर ग्राम पंचायत सतरंगा के ग्राम खोखराआमा शासकीय प्राथमिक स्कूल में शिक्षक एवं बच्चों के बीच में भाजपा अल्पसंख्यक के सदस्यों ने महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के चित्रों पर माल्यार्पण एवं राष्ट्रगान गा कर  कार्यक्रम को आगे बढ़ाया गया, स्कूल में अच्छे नंबरों से पास हुए बच्चों को कक्षा पहली से लेकर पांचवी कक्षा के रजनी कुमारी कक्षा पहली, करन सिंह कक्षा दूसरी, अमिका कुमारी मंझवार कक्षा तीसरी, भिन्सारी कुमारी कक्षा चौथी, कमलेश्वर कक्षा तीसरी के बच्चों को मोमेंटो दिया गया एवं सभी बच्चों को पहाड़ा,पेंसिल,रबड़,कटर भी दिया गया, इस कार्यक्रम में स्कूल के शिक्षक जगतराम निर्मलकर और परदेशी लाल टेंगवर को शाॅल एवं श्रीफल सम्मान भेंट किया गया, इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए भाजपा अल्पसंख्याक जिला अध्यक्ष मो. ताज सिद्धीकी, अल्पसंख्यक जिला कार्यकारणी सदस्य सैदर खान उपस्थित थे, गढ़ उपरोडा मंडल मंत्री रितेश गुप्ता और अन्य गणमान्य भी मौजूद रहे।

एक ऐसा शिक्षक जिन की जितनी तारीफ करें वह कम ही है- सीमित संसाधनों एवं चुनौतियों के बीच बीहड़ वनांचल क्षेत्र में शिक्षा की अलख जगा पाना किसी चुनौती से कम नहीं है, लेकिन इस युवा शिक्षको  जगतराम निर्मलकर और परदेशी लाल टेंगवर ने अपनी मेहनत व लगन से वनांचल क्षेत्र के शिक्षकों के बीच एक अलग ही पहचान बना ली है। राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र संरक्षित जनजाति पहाड़ी कोरवाओं के लगभग 30 बच्चों को एक पिता की तरह फर्ज निभा रहे हैं, शिक्षक की कोशिश काबिले तारीफ हैं। जिला मुख्यालय से 30 किलोमीटर दूर सतरंगा के ग्राम खोखराआमा स्थित है, पहाड़ी कोरवा बाहुल्य आज न केवल अपनी खूबसूरत वादियों के लिए प्रख्यात है, इस गांव में जाने के लिए पहाड़ के रास्ते होकर जाना पड़ता है, और दूसरा रास्ता नाव के सहारे डुबान पर करके, जहां शिक्षक अपनी जान के परवाह न कर घने जंगलों के बीच बरसात हो या ठंडी का मौसम हर मौसम में शिक्षक अपने दायित्व निभाते हुए पहाड़ी कोरवा के बच्चों को शिक्षा देने पहुंच जाते हैं, इस घने जंगलों में भालू, तेंदुआ,जंगली सूअर जैसे कई प्रकार के जानलेवा जानवर का बसेरा है, उसके बावजूद भी शिक्षक सुबह स्कूल समय पर पहुंच जाया करते हैं,

Kush Sharma

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