Korbavani.com। पोंड़ी उपरोड़ा से बांगो डेम तक जाने वाली सड़क की बदहाल तस्वीर ने जिम्मेदार विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। करीब 20 गांवों के लोगों के लिए महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग अब बड़े-बड़े गड्ढों में तब्दील हो चुका है। सड़क की हालत इतनी खराब है कि इस पर पैदल चलना तक मुश्किल हो गया है। आए दिन दोपहिया वाहन चालक दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं और कई लोगों के घायल होने की बात भी सामने आई है। सड़क की बदहाली को लेकर लालपुर सरपंच और ग्रामीणों का आक्रोश अब खुलकर सामने आने लगा है। उनका आरोप है कि सड़क की मरम्मत और अधूरे निर्माण कार्य को पूरा कराने के लिए कई बार लिखित एवं मौखिक रूप से जिम्मेदार अधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है, लेकिन इसके बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है।
गड्ढों ने बढ़ाई ग्रामीणों की परेशानी- पोंड़ी उपरोड़ा से बांगो डेम तक का यह मार्ग आसपास के करीब 20 गांवों को जोड़ता है। सड़क पर जगह-जगह गहरे गड्ढे बन जाने से वाहनों की आवाजाही बेहद जोखिम भरी हो गई है। ग्रामीणों के अनुसार कई लोग इन गड्ढों में गिरकर हाथ-पैर में चोट लगने से घायल हो चुके हैं। दुर्घटनाओं के साथ ही वाहनों को भी नुकसान पहुंच रहा है, जिससे ग्रामीणों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
विभाग और ठेकेदार की भूमिका पर सवाल– ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि सड़क की दुर्दशा से विभाग और ठेकेदार दोनों को अवगत कराया जा चुका है, इसके बावजूद गड्ढों को भरने तक की कार्रवाई नहीं की गई। ग्रामीणों का कहना है कि जब यह मार्ग इतने बड़े क्षेत्र की आबादी के आवागमन का प्रमुख साधन है, तो इसकी मरम्मत में लगातार देरी लोगों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ है।
तीन दिन में काम शुरू नहीं हुआ तो घेराव और तालाबंदी– ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों ने अब आर-पार की लड़ाई का संकेत दिया है। संबंधित विभाग को दिए गए आवेदन में मांग की गई है कि सड़क के बड़े गड्ढों को तत्काल भरकर मार्ग को आवागमन योग्य बनाया जाए तथा अधूरे सड़क निर्माण कार्य को शीघ्र पूरा कराया जाए।साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि तीन दिवस के भीतर मरम्मत कार्य प्रारंभ नहीं किया गया, तो ग्रामीण संबंधित कार्यालय का घेराव कर तालाबंदी करेंगे। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया है कि इस स्थिति की पूरी जिम्मेदारी संबंधित विभाग की होगी।




