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सरकारी निर्माण में गड़बड़ी पड़ी भारी! 8 एमएम की जगह 6 एमएम सरिया, कलेक्टर ने दिए FIR के आदेश..देखें वीडियो…

डीएमएफ के कामों में गुणवत्ता से खिलवाड़ पर सख्त कार्रवाई, जिम्मेदार सब इंजीनियर को निलंबित करने के निर्देश..

Korbavani.com- डीएमएफ की राशि से कराए जा रहे निर्माण कार्यों में लापरवाही और गुणवत्ता से खिलवाड़ अब जिम्मेदारों पर भारी पड़ेगा। रविवार को कटघोरा जनपद के ग्राम पंचायत जेंजरा में निर्माण कार्यों का निरीक्षण करने पहुंचे कलेक्टर कुणाल दुदावत ने मौके पर निर्माण सामग्री की गुणवत्ता जांची। ग्राम पंचायत जेंजरा में निर्माणाधीन आंगनबाड़ी भवन में निर्धारित 8 एमएम के बजाय कई जगह 6 एमएम सरिया लगाए जाने का मामला सामने आने पर कलेक्टर ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने जिम्मेदार सब इंजीनियर रामकुमार पोर्ते को निलंबित करने के निर्देश दिए। साथ ही पंचनामा तैयार कर एफआईआर दर्ज कराने के भी निर्देश दिए। जेंजरा में डीएमएफ मद से बन रहे आंगनबाड़ी भवन का निरीक्षण करते समय कलेक्टर को सरिया की गुणवत्ता और माप को लेकर संदेह हुआ। उन्होंने तत्काल सीढ़ी मंगवाकर स्लैब के पास लगे सरिया की मौके पर ही माप कराई। जांच में कई स्थानों पर 8 एमएम के स्थान पर 6 एमएम सरिया पाया गया। अनियमितता सामने आते ही कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को फटकार लगाते हुए पूरे निर्माण कार्य की जांच कराने के निर्देश दिए।

स्कूल भवन में घटिया टाइल्स पर भी नाराजगी– कलेक्टर ने जेंजरा में ही निर्माणाधीन स्कूल भवन का निरीक्षण किया। यहां फर्श में लगाए जा रहे टाइल्स की गुणवत्ता और निर्धारित मापदंडों की जांच की गई। टाइल्स मानकों के अनुरूप नहीं मिलने पर उन्होंने नाराजगी जताई और निर्माण एजेंसी को निर्धारित गुणवत्ता के अनुसार काम कराने के निर्देश दिए।

पीडीएस भवन की प्लिंथ पर उठे सवाल– ग्राम पंचायत सलोरा में निर्माणाधीन पीडीएस भवन का निरीक्षण करते हुए कलेक्टर ने भवन की प्लिंथ जमीन के स्तर से काफी नीचे पाए जाने पर नाराजगी जताई। उन्होंने निर्माण कार्य की गुणवत्ता और तकनीकी मानकों की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश अधिकारियों को दिए।

कटघोरा स्कूल भवन अक्टूबर तक पूरा करने की डेडलाइन- कलेक्टर ने शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कटघोरा में निर्माणाधीन स्कूल भवन का भी जायजा लिया। निर्माण कार्य में हो रही देरी पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए काम में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित निर्माण एजेंसी को अक्टूबर तक भवन का निर्माण पूरा करने की डेडलाइन दी। इसके अलावा जेंजरा स्थित जर्जर आंगनबाड़ी भवन का भी निरीक्षण कर उसकी स्थिति की जानकारी ली।

फाइलें दबाकर बैठने वालों पर भी होगी कार्रवाई– निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने जनपद पंचायत कटघोरा में लंबित फाइलों और उपयोगिता प्रमाण पत्रों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि पूर्ण हो चुके निर्माण कार्यों के उपयोगिता प्रमाण पत्र अनावश्यक रूप से लंबित रखना गंभीर लापरवाही है। इससे संबंधित कार्यों का भुगतान अटकता है और नए विकास कार्य भी प्रभावित होते हैं।उन्होंने जनपद पंचायत सीईओ को कर्मचारियों के कामकाज की जांच कर अनावश्यक रूप से फाइलें लंबित रखने वालों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए। जेंजरा के उपयोगिता प्रमाण पत्र पर समय पर कार्रवाई नहीं करने वाले संबंधित बाबू का वेतन रोकने के निर्देश भी दिए गए।

डीएमएफ की राशि में गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं– कलेक्टर कुणाल दुदावत ने स्पष्ट कहा कि डीएमएफ की राशि खनन प्रभावित क्षेत्रों के विकास और वहां के लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए खर्च की जा रही है। ऐसे में सरकारी राशि से होने वाले निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। निर्माण में गड़बड़ी या लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारी और निर्माण एजेंसी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी विकास कार्यों में गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए तथा सरकारी राशि का सदुपयोग सुनिश्चित किया जाए।निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत सीईओ प्रतीक जैन, एसडीएम कटघोरा विपिन दुबे, अपर कलेक्टर माधुरी सोम ठाकुर, जनपद पंचायत सीईओ, तहसीलदार सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

Kush Sharma

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