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युनिवर्सल मेंटर्स एसोसिएशन नई दिल्ली द्वारा आई.पी.एस. दीपका के प्राचार्य डॉ. संजय गुप्ता चयनित हुए ’बेस्ट प्रिंसिपल ऑफ द ईयर 2023’ अवार्ड हेतु ।

19 जनवरी 2023 को लीला एंबिएंस करकरडूमा ,नई दिल्ली में गरिमामयी कार्यक्रम में होंगे सम्मानित।

Korbavani.com- विद्यालय का संचालन एक ऐसा विशेष कार्य है । जिसमें अथक परिश्रम एवं कुशल अनुभव की आवश्यकता होती है। विद्यालय में सभी कर्मचारियों के साथ बेहतर तालमेल रखते हुए विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए मार्ग प्रशास्त करने का कार्य केवल वही प्राचार्य कर सकता है । जिसमें ज्ञान, अनुभव, धैर्य एवं प्रबंधकीय गुण मौजूद हों । उपलब्ध संसाधनों का दक्षता पूर्वक नए एवं प्रभावपूर्ण तरीके से उपयोग करते हुए लोगों के कार्यों में समन्वय कर लक्ष्यों की प्राप्ति करना ही एक अच्छे प्रबंधक के गुण होते हैं।आज शिक्षा एवं शैक्षिक संस्थानों में भी अपार प्रतिस्पर्धा है।ऐसे में प्राचार्य को अपने संस्थान को सर्वसुविधायुक्त ,सर्वगुण संपन्न बनाते हुए विद्यार्थियों के उज्जवल भविष्य के लिए उन्हें सही दिशा निर्देशन देते हुए सफलता के शिखर पर पहुँचाना एवं समाज में अपने संस्थान को प्रतिस्थापित करना एक कड़ी चुनौती है। पूर्वानुमान करना,योजना बनाना,आदेश देना एवं समन्वय करना यही एक अच्छे प्राचार्य के गुण होते हैं। जिस तरह नवजात शिशु धीरे.धीरे अपने स्वरुप व गुणों में वृद्धि या परिवर्तन प्रदर्शित करता है। वैसे ही इंडस पब्लिक स्कूल ने सीमित समय में ही दीपका क्षेत्र में अपनी विशेष कार्यशैली एवं बेहतर एकेडेमिक उपलब्धियों के आधार पर अपनी एक विशेष पहचान बना ली है और सब श्रेय जाता है यहाँ कार्यरत स्टॉफ के साथ ही प्रमुख रुप से यहाँ के सूत्रधार एवं मार्गदर्शक या सर्वश्रेष्ठ प्रबंधक डा.संजय गुप्ता को।इंडस पब्लिक स्कूल.दीपका के प्राचार्य संजय गुप्ता अपने अनुभव एवं कार्यप्रणाली के द्वारा इस विद्यालय को लगातार श्रेष्टता की दिशा में अग्रसर कर रहे हैं। जिसका प्रतिसाद गुप्ता को सर्वश्रेष्ठ प्राचार्य के सम्मान के रुप में मिला। विगत 30 वर्षों से शिक्षा जगत को अपनी सेवा देते हुए श्री संजय गुप्ता प्राचार्य ; इंडस पब्लिक स्कूल.दीपका ने अपना सर्वस्व समर्पित करते हुए आज उस मुकाम को हासिल किया जो एक सामान्य व्यक्ति के लिए सहज नहीं है। उन्हें विभिन्न दिग्गज एवं नामी प्राचार्यों के अलावा संपूर्ण भारत के विभिन्न नामचीन सी.बी.एस.ई. स्कूलों के प्राचार्यों के मध्य बेस्ट प्रिंसिपल ऑफ द इयर.2023 का अवार्ड मिलना वास्तव में एक बहुत बड़ी उपलब्धि है। युनिवर्सल मेंटर्स एसोसिएशन द्वारा 40 से ज्यादा गव्हर्नमेंट डिग्नटरीज,250 से ज्यादा विद्यालयों के प्रिंसिपल्स,40 से अधिक सीईओ जो कि विभिन्न स्कूल्स के ऑनर एवं सीईओ हैं जिनकी मौजूदगी में ,गरिमामयी कार्यक्रम में इंडस पब्लिक स्कूल.दीपका के प्राचार्य संजय गुप्ता को प्रिंसिपल ऑफ द ईयर अवार्ड 2023 से सम्मानित किया जाएगा। इस कार्यक्रम का आयोजन युनिवर्सल मेंटर्स एसोसिएशन दिल्ली द्वारा किया जाएगा यह आयोजन 19 जनवरी को लीला एंबिएंस करकरडूमा नई दिल्ली में आयेजित किया जाएगा।यह आयोजन 5वीं एडुलीडर समिट के तहत 19 जनवरी को लीला एंबिएंस करकरडूमा नई दिल्ली में आयेजित किया जाएगा। डॉ0 संजय गुप्ता बेस्ट प्रिंसिपल ऑफ द ईयर 2023 का अवार्ड विभिन्न नामचीन हस्तियों के द्वारा प्राप्त करेंगे। संजय गुप्ता के इस उपलब्धि पर आज न केवल इंडस पब्लिक स्कूल अपितु संपूर्ण दीपका एवं कोरबा क्षेत्र गौरवान्वित महसूस कर रहा है। संजय गुप्ता के कुशल मार्गनिर्देशन एवं नवाचार के प्रयोगों के कारण ही आज उनका संस्थान सतत प्रगति की ओर अग्रसर है । तथा इसी का परिणाम है कि आज वे राष्ट्रीय स्तर पर बेस्ट प्रिंसिपल के रुप में सम्मनित हुए।विद्यालय परिवार ने गुप्ता को उनकी उपलब्धि पर कोटि.कोटि बधाइयाँ दीं। डॉ संजय गुप्ता ने इस गौरवशाली उपलब्धि पर अपना अनुभव बाँटते हुए कहा कि आज सीखने एवं सिखालने की प्रक्रिया में काफी तेजी से परिवर्तन हुआ है। विद्यार्थियों के प्रभावी ढंग से सीखने के लिए साधन एवं संसाधनों का प्रबंध करना एवं उन संसाधनों का उपयोग कर विद्यार्थियों को सिखाना यही एक मात्र लक्ष्य लेकर अपने कार्य को निःस्वार्थ भाव से करना एक शिक्षक का परम दायित्व होता है। एक शिक्षक को चाहिए कि विद्यार्थियों को केवल पुस्तकीय ज्ञान के दायरे में न बाँधकरए पुस्तक से अजित ज्ञान को अपनी जिंदगी में जीने हेतु प्रेरित करे। बेस्ट प्रिंसिपल के रुप में सम्मानित होना वास्तव में जीवन की एक बहुत बडी उपलब्धि है। मैं इस हेतु सभी सम्मानीय विद्वानों का हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ जिन्होंने मुझे इस सम्मान के काबिल समझा। वर्तमान में हमारी शिक्षा व्यवस्था के सम्मुख विभिन्न प्रकार की समस्याएँ परिलक्षित होती हैं । जिनमें से प्रमुख रुप से हमारे राष्ट्र के भविष्य और आधार छात्रों की अनियमित जीवनशैली एवं खान.पान प्रमुख समस्या है। जिस प्रकार से दुनिया आगे बढ़ रही है । यदि हम जरा भी प्रतिदिन आने वाली जानकारियों के अभाव में अपनी शिक्षा व्यवस्था को विज्ञान के अविष्कारों के अनुरुप साध नहीं पाएंगे तो शायद हम एक बेहतर एवं जुझारु भविष्य के निर्माण में नाकाम रहेंगे। क्योंकि आज प्रत्येक पैदा होने वाला बच्चा अपनी माँ के गर्भ से ही साईंस का एप सीख कर आता है। तात्पर्य यह है कि हमें अपनी शिक्षा व्यवस्था में विज्ञान का समावेश करना तो पड़ेगा ही साथ ही साथ एक भारतीय होने के नाते हमें अपनी प्राचीन एवं पुरातन संस्कृति को भी कभी नहीं भूलना है। हमें अपनी शिक्षा व्यवस्था में संस्कारों एवं संस्कृतियों का समावेष अनिवार्यतः करना चाहिए ताकि हम एक बेहतर भविष्य के निर्माण में अपना योगदान दे सकें। संजय गुप्ता ने विद्यालय में दी जाने वाली शिक्षा के संबंध में कहा कि प्रायमरी स्तर से लेकर उच्चतर माध्यमिक स्तर के अलावा चाहे वह कोई भी कक्षा का स्तर हो हमें इस बात को कभी नहीं भूलना चाहिए कि हम विद्यालय में न केवल देश का भविष्य निर्माण कर रहे हैं । अपितु हमें एक ऐसी शिक्षा व्यवस्था में जोर देना चाहिए जो न केवल एक अच्छा व्यक्तित्व का निर्माण करे अपितु हमारी शिक्षा व्यवस्था व्यवसायिक होने के साथ.साथ व्यवहारिक भी होना चाहिए। हम लोगों को शिक्षित तो करें ही साथ ही साथ एक सम्मानजनक चरित्र का भी निर्माण करें

Kush Sharma

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