Korbavani.com- बालको कर्मचारी संघ द्वारा कई वर्षो से कार्यालय में वृक्षारोपण एवं गोष्ठी का कार्यक्रम करते आ रहे हैं. बालको कर्मचारी संघ के पदाधिकारी ने बताया कि 28 अगस्त 1730 में अमृता देवी बिश्नोई 390 बिश्नोई द्वारा खेजड़ी पेड़ जो कि वहा के राजा द्वारा कटवाया जा रहा था, जिसके बचाव के लिए वहां के लोगों ने पेड़ को गले लगा कर अपनी जान बलिदान कर दिया। लेकिन पेड़ काटने नहीं दिया, जिस वजह से बलिदान दिवस को भारतीय मजदूर संघ द्वारा 28 अगस्त को राष्ट्रीय पर्यावरण दिवस के रूप में मानते आया है। इस अवसर पर आज बालको कर्मचारी संघ कार्यालय में वृक्षारोपण एवं गोष्ठी का कार्यक्रम किया गया।









