Korbavani.com- जिले में अवैध रेत उत्खनन पर रोक लगाने कलेक्टर के सख्त निर्देशों के बावजूद रेत माफिया बेखौफ नजर आ रहे हैं। तान नदी समेत कई क्षेत्रों में प्रतिदिन ट्रैक्टर व ट्रेलरों के माध्यम से बड़े पैमाने पर रेत निकाली जा रही है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि यह उत्खनन वन अधिकार क्षेत्र से किया जा रहा है, लेकिन वन एवं खनिज विभाग की चुप्पी मिलीभगत की ओर इशारा कर रही है। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, यह अवैध कारोबार प्रशासन की नाक के नीचे लगातार संचालित हो रहा है। क्षेत्रीय मुंशी गौरव यादव व मनोज का कहना है कि कुछ ट्रैक्टर मालिक तान नदी से रेत निकालकर उसे कोनकोना गौठान में डंप करते हैं, जहां से इसे बिना किसी रॉयल्टी भुगतान के प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत बनाए जा रहे पुल निर्माण कार्यों में इस्तेमाल किया जा रहा है। यह पूरा खेल बांगो थाना से कुछ किलोमीटर की दूरी पर संचालित हो रहा है, बावजूद इसके न तो पुलिस विभाग और न ही प्रशासनिक अधिकारी किसी प्रकार की ठोस कार्रवाई कर रहे हैं। इससे शासन को हर दिन लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है, वहीं माफिया बेखौफ होते जा रहे हैं।हाल ही में कलेक्टर की अध्यक्षता में जिला टॉस्क फोर्स की बैठक आयोजित की गई थी, जिसमें रेत के अवैध उत्खनन, परिवहन और विक्रय पर रोक लगाने को लेकर कड़े निर्देश दिए गए थे। बैठक में वनमंडलाधिकारी मयंक अग्रवाल, अपर कलेक्टर अनुपम तिवारी, खनिज विभाग के उप संचालक प्रमोद नायक सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे। फिर भी कोई ठोस कार्रवाई न होना अधिकारियों की भूमिका पर सवाल खड़े करता है। इससे यह स्पष्ट होता है कि माफिया और जिम्मेदार अधिकारियों के बीच सांठगांठ के चलते यह गैरकानूनी गतिविधियां बेरोक-टोक जारी हैं। यदि शीघ्र प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई, तो न केवल शासन को राजस्व की भारी क्षति होगी, बल्कि कानून का भय भी पूरी तरह समाप्त हो जाएगा।
शीर्षक– कोरबा में तान नदी से बेधड़क रेत उत्खनन, कलेक्टर के आदेशों की उड़ रही धज्जियां




