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डीडासराई में किसानों को दुर्लभ जडी बुटी की संरक्षण एवं खेती करने की सलाह देते हुये

डीडासराई 9अप्रैल कोरबा जिले के सुदूर वनांचल दूरस्थ क्षेत्र के उप तहसील लेमरू के अंतर्गत ग्राम पंचायत देवपहरी के आश्रित ग्राम डीड़ासरई सुबह 11बजे से संस्कार भवन में स्थानीय वैदयों व औषधीय कृषकों का बैठक रखा गया था जिसमें लेमरु क्षेत्र के लगभग 10 गांवों से 25 से अधिक औषधि कृषक व वैद्यों ने भाग लिया
इस बैठक का उद्देश्य स्थानीय परंपरागत वैद्यो व औषधि कृषकों का संगठन बनाना है जिसके उद्द्येश्यों में स्थानीय रूप से उपलब्ध औषधि पौधों का संरक्षण कृषिकरण व व्यवसाय शामिल होगा क्योंकि क्योंकि वर्तमान में स्थानीय वैद्यों को कई सारी औषधि खोजने पर नहीं मिलते वह कई सारे औषधियां विलुप्तप्राय हो गई है जिनमें नागरकेना साबरभंज तेजराज भोजराज बलराज बड़े कांदा जैसी औषधियां शामिल हैं यह औषधियां वर्तमान में जंगलों में नहीं मिलते इसी तरह से कई सारी औषधियां जिनमें चनहौर सफेद मूसली काली मूसली सतावर जैसी औषधियों का विदोहन बड़े पैमाने पर व्यापार हेतु जंगलों से किया जा रहा है जो वर्तमान में खत्म हो रही हैं वर्तमान में सर्व उपलब्ध औषधियां अगर विलुप्तप्राय हो जाए तो स्थानीय वेदों का जानकारी भी बिलुप्त हो जाऐगी ई सके लिए स्थानीय वैद्य व कृषक मिलकर संगठन बना रहे हैं जिसके हेतु कोरबा में तीन स्तर बैठक रखी गई थी । जिले में सभी जगहों पर इसका बैठक का क्रम रखा गया है आगे सभी वैद्य मिलकर संगठन बनाने का प्रयास करेंगे।

Kush Sharma

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