Korbavani.com- नगर पालिक निगम कोरबा की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। नेता प्रतिपक्ष कृपाराम साहू ने निगम प्रशासन पर तीखा हमला बोलते हुए उसे “अंधेर नगरी, चौपट राजा” करार दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा शासित नगर निगम में भ्रष्टाचार चरम पर है, और जनहित की उपेक्षा की जा रही है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि कोरबा शहर की मुख्य सड़कों पर पहले से जल रही स्ट्रीट लाइटों को निगम के संसाधनों से बदला जा रहा है, जबकि बस्तियों में स्ट्रीट लाइटें वर्षों से खराब पड़ी हैं। और लोग अंधेरे में जीने को मजबूर हैं। बरसात के मौसम में यह लापरवाही दुर्घटनाओं को आमंत्रण दे सकती है। उन्होंने यह भी बताया कि जिन स्ट्रीट लाइट्स को बदला जा रहा है, वे अब भी वारंटी अवधि में हैं और उनके रखरखाव की जिम्मेदारी संबंधित ठेका कंपनी की है। ऐसे में निगम प्रशासन द्वारा अवकाश के दिनों में भी अपने स्तर पर लाइट बदलवाना संदेहास्पद और अपारदर्शी प्रक्रिया को दर्शाता है।
घोषणाओं का नहीं हो रहा पालन, सुविधाएं कागजों तक सीमित– श्री साहू ने नगर निगम के बजट सत्र 2025-26 में महापौर संजू देवी राजपूत द्वारा किए गए वादों को भी खोखला बताया। उन्होंने कहा कि बजट पत्र के पृष्ठ 10-11 में उल्लेख किया गया था कि छट्ठी, वैवाहिक एवं दशगात्र कार्यक्रमों में नि:शुल्क पानी टैंकर और मृत्यु पर अंतिम संस्कार हेतु नि:शुल्क लकड़ी की व्यवस्था की जाएगी। लेकिन आज तक किसी मुक्तिधाम में लकड़ी की उपलब्धता नहीं कराई गई है और न ही किसी कर्मचारी की नियुक्ति की गई है। पानी टैंकर व्यवस्था को लेकर भी उन्होंने कहा कि ना तो टैंकर खरीदे गए हैं और ना ही उनके लिए वाहन चालकों की नियुक्ति हुई है। इससे साफ है कि वादे केवल प्रचार तक सीमित थे।
जनहित के लिए की प्रमुख मांगें, नेता प्रतिपक्ष ने मांग की है कि– प्रत्येक मुक्तिधाम में कम से कम 50 क्विंटल लकड़ी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। नगर निगम के प्रत्येक जोन में 6 पानी टैंकर की उपलब्धता हो। टैंकर संचालन हेतु वाहन चालकों की शीघ्र नियुक्ति की जाए। उन्होंने निगम प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जनहित से जुड़े मुद्दों की अनदेखी जारी रही तो विपक्ष सड़क से सदन तक आंदोलन करेगा।




