कोरबा

इंडस पब्लिक स्कूल दीपका में फादर्स-डे के उपलक्ष्य में ऑनलाईन मोड में हुए विभिन्न कार्यक्रम। इंडस पब्लिक स्कूल दीपका के अभिभावकों एवं विद्यार्थियों ने प्रकट किया पिता के प्रति सम्मान ।

आईपीएस दीपका के विद्यार्थियों ने पिता के सम्मान में बनाए विभिन्न आकर्षक चित्र, लिखे मनभावक स्लोगन। Korbavani.com- एक पिता हर एक की सबसे अच्छा दोस्त होता है । क्योंकि वह हर एक चीज का ध्यान रखता है जिसकी हमें जरूरत होती है । इसलिए उन्हें धन्यवाद और आदर देने के लिए वर्ष का एक दिन समर्पित किया गया है जिसे हर साल हम पितृ-दिवस के रूप में मनाते हैं । हम लोग बिना अपनी पिता के प्यार और देखभाल के नहीं रह सकते हैं । वह हमारा बहुत ध्यान रखते है वह बहुत खुश हो जाते हैं जब हम लोग हँसते हैं तथा बहुत दुखी हो जाते है जब हम लोग रोते हैं । इस दुनिया में पिता एकमात्र ऐसा इंसान होता है जो हमें कभी अकेला नहीं छोड़ता।पिता अपने बच्चों के लिए पूरा निष्ठावान होता है । भारत में हर वर्ष जून महीने के तीसरे रविवार को फादर्स डे मनाया जाता है । हम जीवनभर एवं कई जन्मों तक पिता के एहसानों का बदला नहीं चुका सकते । वह धरती पर भगवान का जीता जागता स्वरूप होता है । दीपका स्थित इंडस पब्लिक स्कूल में वैसे तो प्रत्येक वर्ष विश्वभर की पिता के प्रति फादर्स डे के अवसर पर स्नेह एवं सम्मान व्यक्त किया जाता है लेकिन इस वर्ष का फादर्स डे विद्यालय के लिए कई दृष्टिकोण से खास रहा । विद्यालय ने पिता के प्रति सम्मान व्यक्त करने के लिए एक शानदार कार्यक्रम का आयोजन ऑनलाईन मोड किया और दूसरी सबसे रोचक बात यह थी कि विद्यालय के छात्र-छात्राओं सहित अभिभावकों ने भी पितृ-दिवस के अवसर पर अपने-अपने तरीके से अपनी भावनाओं को व्यक्त किया । विभिन्न प्रकार के फन गेम एवं मनोरंजक एक्टिविटीज का सभी अभिभावकों ने बच्चों सहित भरपुर आनंद लिया।कोई अभिभावक अपनी बेटी की चोटी बनाते नजर आया तो कोई बच्चों की मनपसंद चीज किचन में बनाते नजर आया तो कोई अपने बच्चों के कपड़े इस्त्री करते नजर आया।इन सभी एक्टिविटीज के माध्यम से अभिभवकों ने अपने बच्चों के प्रति अपना स्नेह व्यक्त किया। विद्यार्थियों ने विभिन्न आकर्षक चित्रों और स्लोगन के माध्यम से पिताके प्रति सम्मान व्यक्त किया । कई विद्यार्थियों के चित्र इतने आकर्षक थे कि वे स्वयं में बहुत कुछ अभिव्यक्त करती है ऐसा प्रतीत होता था । कई विद्यार्थियों ने अपने चित्रों में वृध्दाश्रम को भी प्रदर्शित किया और यह संदेश देने का प्रयास किया कि हमारे मन में अपने पिता के प्रति इतना सम्मान, स्नेह व प्रेम होना चाहिए कि दुनिया में वृध्दाश्रम की आवश्यकता ही न हो ।उच्च एवं उच्चतर कक्षा के विद्यार्थियों ने पिता पर समर्पित कविता का वाचन कर पिता के प्रति सम्मान व्यक्त किया । कार्यक्रम में उपस्थित अभिभावकों ने भी क्रमशः अपने-अपने विचार व्यक्त किए । अभिभावक राजवीर नरवाल ने कहा कि पिताइस शब्द से ही हमारे जीवन की शुरूआत होती है । जिसके बिना हम जिंदगी की कल्पना भी नहीं कर सकते । कहते हैं कि, भगवान सब जगह नहीं हो सकते इसलिए उन्होंने पिता को बनाया । पिता एक ऐसी हस्ती है जिससे ऊँचा तो खुदा का कद भी नहीं हो सकता क्योंकि खुदा जिसे आदमी बनाता है पिता उसे इंसान बनाती है । वो पिता ही है जो खुद दुःख झेलकर अपने बच्चों को सुख देता. अभिभावक अनिल साहु ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि पिता शब्द ही अद्वितीय प्यारा व स्वयं में संपूर्ण है । यदि कहें कि पूरी सृष्टि में इससे प्यारा कोई और शब्द नहीं है तो कोई अतिश्योक्ति नहीं होगी । पिता कहना व बनना दोनों ही पल जिंदगी का अनमोल व अद्वितीय पल होता है । हमें ताउम्र अपनी पिता के प्रति स्नेह, सम्मान व कृतज्ञता व्यक्त करना चाहिए । अभिभावक अरविंद महंत जीवन में पिता का होना बहुत जरूरी होता है, पिता से ही बच्चों की पहचान है। उनका प्रेम अनमोल होता है, माता-पिता के आशीर्वाद से दुनिया की बड़ी से बड़ी कामयाबी हासिल की जा सकती है। कोई भी समस्या हो उसका समाधान पिता के पास होता है, बच्चों को पिता की महत्ता का पता जब वे खुद माता-पिता बनते हैं, तो और अधिक होता है। अभिभावक शैलेन्द्र सिंह सच में पिता जैसी त्याग स्नेह व समर्पण की जीता जागता मिसाल हमें दुनिया में कहीं नहीं मिलेगी । मेरे ख्याल से जिसने आपके जीवन को बनाने में पूरी जिंदगी लगा दी उसके लिए एक दिन तो क्या अगर हम अपनी पूरी जिंदगी भी लगा दे तो भी कम है । अभिभावक आदर्श रेड्डी पता हमारे जीवन में बहुत महत्व रखते हैं पिता न होते तो शायद मेरा कोई अस्तित्व ही न होता । पिता बिना किसी लोभ के अपने बच्चों के लिए पूरी जिंदगी मेहनत करते है ताकि उनका बच्चा पढ़ लिख कर बड़ा आदमी बने और उनका नाम गर्व से ऊँचा हो । हर हाल में माता-पिता चाहते हैं की हमारे बच्चे को किसी भी प्रकार का दुःख न देखना पड़े । अभिभावक रविन्दर हुड्डा ने कहा कि हमारे जीवन में पिता की भूमिका हमेशा अलग होती है और जीवन में शामिल दुसरे लोगों से अनमोल होती है । पिता का पूरा दिन हमारी जरूरतों को पूरा करने में बीत जाता है । वो अपने बच्चो से कुछ भी वापस पाना नहीं चाहती बल्कि हमें खुले दिल से प्यार करती है. अभिभावक खिलेश्वर साहू भगवान के रूप में माता-पिता ही हैं जो हमें इस दुनिया में मिलते हैं जिनकी छाया में हमें दुनिया का सबसे बड़ा सुख मिलता है, पिता जी आपकी सेवा ही मेरा सबसे पहला कर्तव्य हैं । मेरे आदर्श मेरे पालन पोषण करने वाले मेरे पिता है । धरती पे भगवान के रूप में मेरे माता पिता ही हैं जो मुझे प्यार करते है और मेरे साथ हमेशा मेरी परेशानियों को हल करने में सहायता देते है । विद्यालय के यशस्वी प्राचार्य डॉ. संजय गुप्ता ने कहा कि एक पिता का जीवन त्याग, प्रेम और देखभाल जैसी चीजों के बीच होता है । एक पिताअपने बच्चों को बिना किसी शर्त के प्यार करती है । पिता के चरणों को स्वर्ग से भी सुंदर माना गया है । पिता के समान कोई छाया नहीं है, माता के समान कोई सहारा नहीं है, पिता के समान कोई रक्षक नहीं है । पिता भगवान की सबसे सुंदर रचना है । हमें भूल से भी अपनी पिता का दिल नहीं दुखाना चाहिए । पिता हमारे लिए सुरक्षा कवच की तरह होती है क्योंकि वह हमें सभी परेशानियों से बचाती है । पिता एकमात्र एक ऐसी इंसान है जिनका काम बिना किसी तय समय असीमित होता है । सभी पड़ावों में पिता अपने जीवन में अहम भूमिका निभाते हैं ।जीवन में पिता का होना बहुत जरुरी होता है बिना पिता के जीवन मानो बीना छत के घर, बीना आसमान के जमीन का होना है । पिता का जीवन में बहुत बड़ा भाग होता है जिसकी व्याख्या करना बेहद मुश्किल है । पिता न होते तो घर नहीं चलता, बिना पिता के दुनिया कभी नहीं अपनाती? पिता का जीवन में होना बहुत जरूरी है जिनके पास पिता होते हैं उसके पास दुनिया की सबसे बड़ी ताकत होती है । पिता से ही नाम है और पहचान है, माता-पिता एक वो अनमोल रत्न है जिनके आशीर्वाद से दुनिया की सबसे बड़ी कामयाबी भी हांसिल की जा सकती है ।

Kush Sharma

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