लेमरू, नकिया और श्यांग के दौरे में स्वास्थ्य, सड़क और मूलभूत सुविधाओं को लेकर दिए अहम निर्देश…
Korbavani.com। जिले के अंतिम छोर पर बसे दूरस्थ ग्राम नकिया में शनिवार को प्रशासन का मानवीय चेहरा देखने को मिला, जब कलेक्टर कुणाल दुदावत सीधे ग्रामीणों के बीच पहुँचे और आम के पेड़ के नीचे खाट पर बैठकर चौपाल लगाई। पीवीटीजी समुदाय के ग्रामीणों के बीच पहुँचकर उन्होंने सहजता से कहा – “मैं कलेक्टर हूँ, आपकी समस्याएँ सुनने आया हूँ। बताइए, आपके गांव में क्या चाहिए? कोरबा विकासखंड के सुदूरवर्ती ग्राम लेमरू, नकिया और श्यांग के दौरे के दौरान कलेक्टर ने ग्रामीणों से शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी ली और समस्याएँ सुनीं। चौपाल में ग्रामीणों ने बाजार शेड निर्माण, कोतरा डाँड़ तक सड़क, खराखेत पारा में स्कूल भवन, आंगनबाड़ी, विद्युतीकरण और प्रधानमंत्री आवास सहित कई मांगें रखीं। कलेक्टर ने इन मांगों का परीक्षण कर यथासंभव शीघ्र निराकरण का भरोसा दिलाया। महिलाओं ने महतारी वंदन योजना की राशि खाते में नहीं आने की शिकायत की, जिस पर बैंक को सोमवार को गांव में शिविर लगाकर जांच करने के निर्देश दिए गए। किसानों को खेती के लिए प्रोत्साहित करते हुए बोर के माध्यम से पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने और कृषि विज्ञान केंद्र के जरिए प्रशिक्षण देने के निर्देश भी दिए गए।इस दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों वीरूराम और शाम कुंवर को समय पर आवास पूर्ण करने के लिए सम्मानित किया गया। दौरे के दौरान लेमरू प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण कर रक्त जांच के लिए लैब टेक्नीशियन नियुक्त करने, दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने और संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के निर्देश दिए गए। वहीं चिर्रा–श्यांग सड़क निर्माण कार्य का निरीक्षण करते हुए निर्माण एजेंसी को जून माह तक गुणवत्ता के साथ कार्य पूरा करने के सख्त निर्देश भी दिए गए।कलेक्टर के इस दौरे से दूरस्थ गांवों के ग्रामीणों में उम्मीद जगी है कि उनकी वर्षों पुरानी समस्याओं का समाधान जल्द हो सकेगा।




