Korbavani.com- शहर के ज्वेलरी शाॅप के संचालक की घर में घुसकर, हत्या का अत्यंत ही संवेदनशील मामला जिसने सबको हैरत में डाल रखा था, इस मामले का कोरबा पुलिस की सूक्ष्म सतर्कता पूर्ण और तकनीकी आधार पर की गयी विवेचना ने सफलता तक पहुंचा दिया। आज प्रातः कोरबा जिला पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी के प्रशासनिक कार्यालय के प्रेक्षा कक्ष में बिलासपुर मुख्यालय से कोरबा पहुंचे बिलासपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक संजीव शुक्ला ने स्थानीय पत्रकारों के समक्ष पुलिस अधिकारियो की उपस्थिति में घटित आपराधिक घटना का विस्तार से विवरण दिया। उन्होंने पूरी हैरानी भरे अंदाज में कहा की, चूंकि इस मामले का कोई भी ओर-छोर समझ में नहीं आ रहा था, इतना संगीन, हैरानी भरा जघन्य हत्या जैसा अपराध आखिर किस उद्देश्य से किया जाना हो सकता हैं। जब उद्देश्य ही पकड़ में नहीं आ रहा था तो अपराध में लिप्त जनो तक पहुंचना कैसे संभव हो सकता हैं। पुलिस के समक्ष सबसे बड़ी जटिलता उस समय मुँह पसारे खड़ी हो गयी, जब यह तथ्य स्पष्ट हुआ की वैभवता और संपन्नता के साथ भरे-पुरे इस परिवार की किसी भी मूल्यवान संपदा को स्पर्श तक नहीं किया गया, फिर लूटपाट और डकैती की संभावनाओं से परे इस अपराध की परिणीती हत्या जैसे जघन्य अपराध में कैसे परिवर्तित हो गयी। बिलासपुर से पहुंचे बिलासपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक संजीव शुक्ला और कोरबा जिला पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी ने गहन आपसी मंत्रणा कर यह सुनिश्चीत किया गया की कोरबा पदस्थ चुनींदा अधिकारियो सहित विशेष दल का गठन कर टुकड़ियों में अलग-अलग विवेचना का भार सौंपा जाय। जिसका प्रमुख आधार तकनीकी और वर्तमान सुलभ नए साधन सुविधा पर आश्रित हो। पुलिस ने इस मामले को नगर कोतवाली की संबद्ध रामपुर पुलिस चौकी में एक मामला अपराध क्रमांक 12/2025 पर धारा 103 (1), 307, 309 (4), 332 (क), 333 बी.एन.एस पर पंजीबद्ध था। उसकी सघन विवेचना तकनीकी ढंग से तेज कर दी, सतत् पर्यवेक्षण में भा.पु.से./रा.पु.से. संवर्ग के 02-02 तथा अराजपत्रित पुलिस अधिकारी/कर्मचारी वर्ग के 80 से अधिक पुलिस कार्मिको में से 14 टीमों को अलग-अलग टॉस्क देकर आरोपियों की पतासाजी में लगाया गया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक यू.बी.एस. चौहान, रविंद्र कुमार मीना, नगर पुलिस अधीक्षक कोरबा भूषण एक्का, नगर पुलिस अधीक्षक दर्री विमल पाठक के नेतृत्व में दक्ष पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों की टीमें बनाकर अंधे कत्ल के इस प्रकरण में शामिल आरोपियों की पहचान स्थापित कर कार्यवाही के निर्देश दिये गये। पुलिस महानिरीक्षक द्वारा घटना स्थल पहुंचकर विवेचना टीम को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। अनुसंधान के दौरान घटना स्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरो मे 02 व्यक्तियों के नकाबपोश हालत में देखे जाने की पुष्टि होते ही अलग-अलग टीमों द्वारा शहर के विभिन्न रास्तो के सीसीटीवी कैमरों के फुटेज का विश्लेषण एवं अज्ञात नकाबपोशों की पतासाजी के लिए अलग-अलग विवेचना टीमें रवाना कर विभिन्न संदेहियों से पूछताछ एवं सूचना तंत्र को सक्रिय किया गया। तकनीकी विश्लेषण हेतु एक दक्ष टीम द्वारा 370 से अधीक सीसीटीवी कैमरों के एनालिसिस एवं संदेहियों से पूछताछ अलग-अलग टीमों द्वारा किया जा रहा था। इसी बीच मुखबिर से प्राप्त सूचना के आधार पर संदेही पर युक्ति युक्त संदेह होने पर हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। उससे पूछताछ के दौरान महत्वपूर्ण सूत्र जुटाए गए। पुलिस महानिरीक्षक बिलासपुर रेंज डॉ. संजीव शुक्ला और कोरबा जिला पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी ने बताया की इस अत्यंत ही संवेदनशील मामले की विवेचना आधुनिकतम ढंग से पूरी सतर्कता हुए सावधानी के साथ की गयी। यही कारण हैं की पुलिस इस जटिल विवेचना के परिणाम तक पहुंची पुलिस अधिकारियो ने पत्रकारों के समक्ष इस घटना का विस्तार से क्रमबद्ध विवरण बताते हुए कहा की अभी और भी शेष अपराधीयो को पकड़ना हैं। महत्त्वपूर्ण तथ्य यह हैं की दिवंगत आभूषण विक्रेता की अपनी ही कार का चालक अपने ही भाई और एक अन्य मददगार की मदद से इस अपराधी घटना के अपराधी हैं। घटना के ऐसे कुछ महत्वपूर्ण सुराग लापता हो चुके मास्टरमाइंड अपराधी की गिरफ्तारी के बाद उसकी सुचना के आधार पर बरामद किये जाएंगे। पुलिस ने कुछ अपराधी को बंदी बनाकर पत्रकारों के समक्ष प्रस्तुत कियापुलिस को इस सनसनीखेज और अत्यंत ही जघन्य हत्या के मामले में मिली सफलता से आमजनो की बीच अत्यंत ही हर्ष व्याप्त हैं एवं पुलिस प्रशासन के प्रति पूर्ण आस्था जतलाई हैं पुलिस अधिकारी आसांवित हैं की मास्टर माइंड के पकडे जाते ही अपराध की सभी कड़ियों को जोड़ लिया जाएगा पुलिस को अभी तक पूर्णता को पूरी तरह से स्पर्श करती सफलता प्राप्त हो चुकी हैं पुलिस विवेचना के अंतिम छोर तक पहुंच जाएगी। इस सनसनी खेज एवं चुनौती पूर्ण अंधे कत्ल के खुलासे में निरीक्षक प्रमोद डनसेना थाना प्रभारी सिविल लाईन रामपुर, निरीक्षक मोतीलाल पटेल थाना प्रभारी कोतवाली, निरीक्षक रूपक शर्मा थाना प्रभारी कुसमुण्डा, निरीक्षक अभिनवकांत सिंह थाना प्रभारी बालको, निरीक्षक युवराज तिवारी थाना प्रभारी उरगा, उप निरीक्षक प्रभाकर तिवारी सायबर सेल बिलासपुर, उप निरीक्षक अजय सोनवानी प्रभारी सायबर सेल, उप निरीक्षक प्रेमचंद साहू थाना प्रभारी दीपका, उप निरीक्षक जितेन्द्र यादव प्रभारी चौकी सीएसईबी, उप निरीक्षक परमेश्वर राठौर, सहायक उप निरीक्षक राम पाण्डेय, सहायक उप निरीक्षक अजय सिंह, सहायक उप निरीक्षक महिपाल सिंह, सहायक उप निरीक्षक कुलदीप तिवारी, सहायक उप निरीक्षक अनिता खेस, सायबर सेल कोरबा से प्रधान आरक्षक गुनाराम सिन्हा आरक्षक प्रशांत सिंह, आरक्षक डेमन ओगरे, आरक्षक विरकेश्वर प्रताप सिंह, आरक्षक रवि कुमार चौबे, आरक्षक सुशील यादव, आरक्षक आलोक टोप्पो, महिला आरक्षक रेणु टोप्पो, प्रधान आरक्षक नरेन्द्र रात्रे, प्रधान आरक्षक दिलीप झा, प्रधान आरक्षक संतोष तिवारी, प्रधान आरक्षक चन्द्रशेखर पाण्डेय, प्रधान आरक्षक सुधांशु शर्मा, आरक्षक विपिन बिहारी नायक, आरक्षक चन्द्रकांत गुप्ता, आरक्षक नितेश तिवारी, आरक्षक संजय रात्रे, आरक्षक गंगाराम डाण्डे, आरक्षक विकास कोसले, आरक्षक संदीप भगत, आरक्षक योगेश राजपूत, आरक्षक अशोक चौहान, आरक्षक देव कुर्रे, आरक्षक गोपीराम दिव्य, आरक्षक हेराम चौहान, आरक्षक हरीश मरावी, आरक्षक शैलेन्द्र सिदार, आरक्षक प्रेमेन्द्र चन्द्रा, महिला आरक्षक रेहाना फातिमा, आरक्षक हितेश राव, आरक्षक विरेन्द्र पटेल, आरक्षक विशाल वर्मा, आरक्षक ओमप्रकाश निराला, आरक्षक अभिजीत पाण्डेय, आरक्षक कौशल प्रसाद, आरक्षक आशीष साहू, आरक्षक संजू श्रीवास, आरक्षक संदीप सिंह, आर. आलोक पाण्डेय, आर. सुनील सिंह, प्रधान आरक्षक मनोज ठाकुर, आरक्षक चन्द्रसेन खुंटे, आरक्षक नीरज डेनियल, आरक्षक देवराज, आरक्षक गुफरान, आरक्षक ओमप्रकाश साहू, आरक्षक दिनेश निराला, आरक्षक प्रेम मरकाम, आरक्षक मनबोध भारती, आरक्षक कृपाल सिंह, आरक्षक सूरज भारद्वाज, आरक्षक रितिक पटेल, आरक्षक सुरेश खुंटे आदि की भूमिका सराहनीय रही।
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