Korbavani.com- कोरबा जिले के पोड़ी उपरोड़ा क्षेत्र में ऐसे कई स्कूल ऐसे भी हैं, जहाँ भवन के आभाव में स्कूल के बच्चे एक ही छत के निचे साथ में पढ़ने को मजबूर हैं, प्रदेश में भाजपा सरकार आते ही शिक्षा स्वास्थ्य को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए शासन द्वारा अनेक योजनाए लागू करते हैं लेकिन विभागीय प्रक्रिया इतनी जटिल है, कि जमीनी स्तर कि समस्या को विभागों द्वारा अनदेखा किया जाता हैँ, सूत्रों से प्राप्त जानकारी के मुताबिक लगभग 30 से 35 प्राथमिक शाला ऐसी हैं, जहाँ पहली से पांचवी के छात्र एक साथ बैठकर पढ़ाई करते हैं, जिससे शिक्षकों को भी पढ़ाने में परेसानीयों का सामना करना पड़ता हैं, क्युकी ज़ब पांचवी कक्षा के छात्रों को पढ़ाना रहता हैं, तो छोटे कक्षा के छात्र सोर शराबा करते हैं, किचन कि बात करें तो प्राथमिक व माध्यमिक शाला के लिए किचन ही नहीं बल्कि पंचायत भवन के किचन का उपयोग करना इनकी मजबूरी हैँ, ज़ब भी पंचायत के कार्यक्रम आयोजित होते हैं, तो विद्यालय के लिए भोजन बनाने मे दिक्क़ते होती हैं, इन्ही छोटी छोटी समस्याओ के बिच यहां कि शिक्षा व्यवस्था संचालित हैँ, वही सालिहाभाठा माध्यमिक शाला मे शिक्षक के आभाव के चलते घुमानीडांड के प्राथमिक शाला के शिक्षक को अटैच कर सलिहाभाठा में पदस्थापना किया गया, जबकि उक्त शिक्षक का मूल पद स्थापना घुमानीडांड मे दर्ज हैँ, शिक्षक के आभाव में ये समस्या एक जगह कि नहीं बल्कि ऐसे कई जगह हैं जहाँ ये समस्या बनी हुई हैँ, वही शाला भवन के नहीं होने से सभी विद्यार्थियों की पढ़ाई बुरी तरह से प्रभावित होती दिखाई दे रही है। जब हमारे संवाददाता ने जानकारी को लेकर पोड़ी उपरोड़ा बीईओ से जानकारी लेनी चाही उनके द्वारा फोन उठाना उचित नहीं समझा गया।





