कोरबा 4अक्टूबर कोरबा जिले के सुदूर वनांचल दूरस्थ क्षेत्र के लेमरू उप तहसील के ग्राम पंचायत देवपहरी के डीडासराई एवम जाताडांड में आज छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध त्यौहार देवउठनी एकादशी के पावन पर्व पर ग्राम बैगा के आंगन पर छत्तीसगढ़ के लोक प्रिय नृत्य गौरा गौरी महोत्सव कार्यक्रम को फूल कूट कर शुभारंभ किया गया,इस कार्यक्रम सभी ग्राम वासियों द्वारा ग्राम बैगा के आंगन पर इकठ्ठा हो कर सामूहिक रूप से प्रसाद व्यवस्था कर ढोल झांझ आदि वादनों से नाच गाकर अपने ग्राम के देवी देवताओ को बुलाकर एवम गांव 5,7,9बालिकाओं के हाथों फूल कुटाई के कार्यक्रम को किया जाता है,इस कार्यक्रम में बालिकाओं एवम ग्राम के बैगा व सियान लोग दिनभर अन्न जल ग्रहण नहीं करते हैं उपवास रहते हैं, तत्पश्चात सामूहिक रूप से प्रसाद ग्रहण कर अपने अपने घर जाते हैं आज के प्रसाद में चावल का गुझ्हा, उड़द का बड़ा,कद्दू, शक्कर कंद, गेठोरा कंद, झूंगा,मूंगफली, इत्यादि रहता है,
गौरा नृत्य उत्सव उद्घाटन के पश्चात प्रतिदिन शाम को सभी ग्राम वासी उपस्थित होकर ढोल झांझ बजाकर गौरा गौरी का सेवा करते रहते हैं इस कार्यक्रम का समापन जोरदार किया जाता है अंतिम दिन पूर्व ग्राम वासियों एवम देवी देवताओं द्वारा मिट्टी खोदाई कार्यक्रम आयोजित कर गौरा गौरी एवम अन्य का मूर्ति प्रतिमा निर्माण के लिए मिट्टी लाते हैं जिसे दिनभर में 5,7,9 मूर्ति बनाकर बैगा घर के बगल मे रखा जाता है जिसे शिव पार्वती यानी गौरा गौरी विवाह किया जाता है इस कार्यक्रम में पूरे रात भर नाच गाकर सेवा किया जाता है आसपास एवम दूर दूर से भी सेवा के लिए आमंत्रण भेजकर बुलाया जाता है और रातभर नाच गाकर बड़े सुबह सभी मूर्ति को नाचते गाते हुए ग्राम देवी देवताओं द्वारा विसर्जन किया जाता है,इस दिन सभी घरों में 20,30लोग मेहमान होते हैं पूरा गांव फुल होता है मेला लगता है उत्सव नही महोत्सव कार्यक्रम आयोजित किया जाता है। पूरे हर्षोल्लास उमंग के साथ अपने पारंपरिक नृत्य को विशेष रूप से शामिल किया जा रहा है। आज के दिन सभी जगहों पर देव उठनी एवम एकादशी तथा तुलसी विवाह को धूम धाम से मनाया जाता है,गौ मुखी सेवा धाम देवपहरी, डीडा पाठ,अजगर बहार,कछार में भी धूम धाम से मनाया गया।







