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मिनीमाता गर्ल्स कॉलेज में चोरी का पर्दाफाश, एक आरोपी गिरफ्तार और तीन नाबालिग संरक्षण में…

चोरी की वारदात में नाबालिग भी शामिल, बाल अपराध की बढ़ती चिंता ने खड़े किए सवाल..

Korbavani.com। मिनीमाता गर्ल्स कॉलेज परिसर में हुई चोरी के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस सहायता केंद्र मानिकपुर की टीम ने कार्रवाई करते हुए एक वयस्क आरोपी को गिरफ्तार किया है, जबकि तीन विधि से संघर्षरत बालकों को संरक्षण में लिया गया है। आरोपियों की निशानदेही पर कॉलेज से चोरी किया गया एल्युमिनियम फ्रेम, एल्युमिनियम और लोहे से बनी अन्य सामग्री बरामद की गई है। वारदात में इस्तेमाल किए गए सब्बल, पेचकस सहित अन्य औजार भी पुलिस ने जब्त किए हैं। चोरी की इस घटना में तीन नाबालिगों की कथित संलिप्तता सामने आना सबसे गंभीर पहलू माना जा रहा है। कम उम्र में बच्चों का संपत्ति संबंधी अपराध में शामिल होना केवल कानून-व्यवस्था का मामला नहीं, बल्कि परिवार और समाज के लिए भी एक चेतावनी है। सवाल यह है कि आखिर किन परिस्थितियों में बच्चे अपराध की राह पर पहुंच रहे हैं और उनके आसपास ऐसा कौन सा वातावरण तैयार हो रहा है, जो उन्हें गलत गतिविधियों की ओर ले जा रहा है।

समय रहते नहीं संभाला तो बढ़ सकती है अपराध की प्रवृत्ति- जानकारों का मानना है कि बच्चों में गलत संगत, अपराधी प्रवृत्ति वाले लोगों का प्रभाव, परिवार में संवाद की कमी और सामाजिक निगरानी का कमजोर होना कई बार उन्हें गलत रास्ते पर धकेल सकता है। छोटी चोरी या अनुशासनहीनता को शुरुआत में नजरअंदाज करना आगे चलकर गंभीर अपराधों का रूप ले सकता है। ऐसे में बच्चों के व्यवहार में अचानक बदलाव, संदिग्ध गतिविधियों और गलत संगत को लेकर अभिभावकों तथा शिक्षकों को सजग रहने की जरूरत है।

कार्रवाई के साथ सुधार और पुनर्वास भी जरूरी– नाबालिगों से जुड़े मामलों में कानून अपनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई करता है, लेकिन इसके साथ बच्चों को अपराध की दुनिया से बाहर निकालकर सही दिशा देना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। परिवार, स्कूल, पुलिस, बाल संरक्षण से जुड़ी संस्थाओं और समाज को मिलकर बच्चों के लिए ऐसा वातावरण तैयार करना होगा, जहां उन्हें शिक्षा, खेलकूद, कौशल विकास और सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ा जा सके। अभिभावकों को भी बच्चों की गतिविधियों और संगत पर नियमित नजर रखने के साथ उनसे खुलकर बातचीत करनी चाहिए। बच्चों की किसी गलती को छिपाने के बजाय समय रहते उसका समाधान तलाशना जरूरी है। आज की छोटी लापरवाही कल की बड़ी आपराधिक प्रवृत्ति में बदल सकती है।

पुलिस के अनुसार, मामले की जांच के दौरान लगातार पतासाजी और पूछताछ के बाद आरोपियों तक पहुंच बनाई गई। चोरी की सामग्री बरामद कर ली गई है और मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है।प्रकरण कोतवाली थाना कोरबा के अपराध क्रमांक 699/2026 के तहत धारा 331(4), 305(1), 3(5) बीएनएस के अंतर्गत दर्ज है। पुलिस ने एक वयस्क आरोपी को गिरफ्तार किया है तथा तीन विधि से संघर्षरत बालकों को संरक्षण में लिया है।

Kush Sharma

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