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Korba Breaking- आर्यन कार्बन फैक्ट्री हादसे ने खोली सुरक्षा व्यवस्था की पोल- नाबालिगों से काम, बिना सुरक्षा उपकरणों के खतरनाक रसायनों के बीच मजदूरी के आरोप..

Korbavani.com। जिले के औद्योगिक क्षेत्र स्थित आर्यन कार्बन फैक्ट्री में शनिवार करीब 12:50 बजे लगी भीषण आग ने न केवल फैक्ट्री प्रबंधन की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए, बल्कि हादसे के बाद सामने आए मजदूरों के आरोपों ने कई गंभीर अनियमितताओं की भी पोल खोल दी। आग की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कुछ ही मिनटों में पूरा परिसर धुएं और लपटों से घिर गया। जान बचाने के लिए मजदूर इधर-उधर भागते नजर आए, जबकि फैक्ट्री परिसर में खड़े कई वाहन भी आग की चपेट में आकर जल गए। दमकल और प्रशासन की त्वरित कार्रवाई से आग पर काबू पा लिया गया, जिससे बड़ा हादसा टल गया। हालांकि हादसे के बाद फैक्ट्री से बाहर निकले कई मजदूरों ने जो बातें बताईं, उसने फैक्ट्री की कार्यप्रणाली और सुरक्षा मानकों पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं। मजदूरों का आरोप है कि फैक्ट्री में 18 वर्ष से कम उम्र के किशोर-किशोरियों से भी काम कराया जाता है। उनका कहना है कि उन्हें प्रतिदिन लगभग 300 रुपये मजदूरी दी जाती है, जबकि कार्य बेहद जोखिम भरा होता है। मजदूरों के अनुसार वे खतरनाक रसायनों के बीच बिना पर्याप्त सुरक्षा उपकरणों के काम करने को मजबूर हैं। श्रमिकों ने बताया कि कई कर्मचारी केवल चप्पल पहनकर ही केमिकल सेक्शन में काम करते हैं। उन्हें न तो सुरक्षा दस्ताने (ग्लव्स) उपलब्ध कराए जाते हैं, न मास्क, न हेलमेट और न ही अन्य आवश्यक सुरक्षा किट। ऐसे में हर दिन उनकी जान जोखिम में डालकर काम कराया जाता है। उनका कहना है कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी लंबे समय से हो रही है, लेकिन इस ओर कभी गंभीरता नहीं दिखाई गई। हादसे के बाद जब फैक्ट्री के जिम्मेदार अधिकारियों और सुपरवाइजर से सुरक्षा व्यवस्था तथा श्रमिकों के आरोपों को लेकर सवाल किए गए तो वे स्पष्ट जवाब देने से बचते नजर आए। कई सवालों पर उन्होंने चुप्पी साध ली या जवाब देने से इनकार कर दिया। इससे प्रबंधन की कार्यशैली को लेकर और भी संदेह गहरा गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि आर्यन कार्बन फैक्ट्री में पहले भी आग लगने की घटनाएं हो चुकी हैं। इसके बावजूद यदि सुरक्षा मानकों को प्रभावी ढंग से लागू नहीं किया गया तो भविष्य में इससे भी बड़ा हादसा हो सकता है। उनका मानना है कि फैक्ट्री प्रबंधन की लापरवाही और निगरानी तंत्र की कमजोरी ने श्रमिकों की सुरक्षा को गंभीर खतरे में डाल दिया है। फिलहाल प्रशासन ने आग लगने के कारणों की जांच शुरू कर दी है। साथ ही मजदूरों द्वारा लगाए गए आरोपों की भी जांच की संभावना जताई जा रही है। यदि जांच में नाबालिगों से काम कराने, श्रम कानूनों के उल्लंघन अथवा सुरक्षा मानकों की अनदेखी की पुष्टि होती है, तो संबंधित प्रबंधन के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

नोट: नाबालिगों से काम कराए जाने और सुरक्षा मानकों के उल्लंघन संबंधी आरोप मजदूरों के बयानों पर आधारित हैं। इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही होगी।

Kush Sharma

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