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Korba Breaking- पहली ही भारी बारिश में बह गई प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की पुलिया- पनगवां का संपर्क टूटा; निर्माण गुणवत्ता पर उठे गंभीर सवाल…

Korbavani.com। विकासखंड पसान अंतर्गत ग्राम पंचायत पनगवां का मुख्य सड़क संपर्क 17 जुलाई को हुई मूसलाधार बारिश के बाद पूरी तरह टूट गया। सरमा से पनगवां को जोड़ने वाले मार्ग पर बकाई नाला स्थित प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) की अप्रोच पुलिया तेज बहाव में बह गई, जिससे पूरा गांव पहुंच विहीन हो गया है। घटना के बाद ग्रामीणों का जनजीवन प्रभावित हो गया है और आवश्यक सेवाओं के संचालन पर भी संकट गहरा गया है। सबसे गंभीर बात यह है कि संबंधित पुलिया का निर्माण करीब डेढ़ वर्ष पहले ही प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत कराया गया था। इतनी कम अवधि में पुलिया का क्षतिग्रस्त होकर बह जाना निर्माण कार्य की गुणवत्ता और तकनीकी मानकों पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि यदि निर्माण कार्य निर्धारित गुणवत्ता के अनुरूप हुआ होता तो पहली ही तेज बारिश में पुलिया नहीं बहती। पुलिया बहने से ग्राम पंचायत पनगवां का बाहरी क्षेत्रों से सड़क संपर्क पूरी तरह समाप्त हो गया है। आने वाले दिनों में हसदेव नदी के जलस्तर में वृद्धि के साथ क्षेत्र के डूबान में आने की संभावना है, जो सामान्यतः अक्टूबर–नवंबर तक बनी रहती है। ऐसे में गांव तक पहुंचना और भी मुश्किल हो जाएगा। इस स्थिति का सीधा असर सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) पर भी पड़ने की आशंका है। सड़क संपर्क टूटने से उचित मूल्य दुकान तक समय पर खाद्यान्न पहुंचाना कठिन हो सकता है, जिससे ग्रामीणों को राशन संकट का सामना करना पड़ सकता है। वहीं मरीजों, गर्भवती महिलाओं, स्कूली बच्चों और अन्य जरूरतमंद लोगों के आवागमन पर भी गंभीर असर पड़ेगा।ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से जुड़े अधिकारियों से तत्काल वैकल्पिक आवागमन की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। साथ ही क्षतिग्रस्त पुलिया का उच्च गुणवत्ता के साथ शीघ्र पुनर्निर्माण कराने, निर्माण कार्य की तकनीकी जांच कराने तथा यदि किसी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता सामने आती है तो संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों और निर्माण एजेंसी के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने की मांग भी उठाई है। बारिश के बीच एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए हैं। अब निगाहें प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं कि प्रभावित ग्रामीणों को राहत पहुंचाने और संपर्क बहाल करने के लिए कितनी तेजी से कदम उठाए जाते हैं।

Kush Sharma

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