Korbavani.com। जिले के जटगा वन परिक्षेत्र में हाथियों का उत्पात लगातार बढ़ता जा रहा है। बीते दिनों चार हाथियों का झुंड ग्राम पंचायत जटगा पहुंचा और किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। हाथियों ने किसान देव प्रसाद पटेल के घर के आसपास लगी सब्जी फसल को तहस-नहस कर दिया, वहीं निर्मला यादव की केला बाड़ी को भी भारी नुकसान पहुंचाया।ग्रामीणों का कहना है कि जंगलों में आग, भीषण गर्मी और भोजन-पानी की कमी के कारण हाथियों का दल अब गांवों की ओर रुख कर रहा है। इससे न केवल फसलों को नुकसान हो रहा है, बल्कि जनजीवन भी प्रभावित हो रहा है। किसानों ने बताया कि कई महीनों की मेहनत से तैयार की गई फसल को हाथियों ने कुछ ही देर में बर्बाद कर दिया। इससे आर्थिक संकट गहराता जा रहा है। वहीं, मुआवजा प्रक्रिया को लेकर भी किसानों में नाराजगी है। उनका आरोप है कि नुकसान के मुकाबले मिलने वाली मुआवजा राशि बेहद कम होती है और उसका भुगतान भी महीनों तक लंबित रहता है। ग्रामीणों ने वन विभाग से मांग की है कि नुकसान का उचित आकलन कर शीघ्र और पर्याप्त मुआवजा दिया जाए, ताकि प्रभावित परिवारों को राहत मिल सके।इधर, जटगा रेंज के कटोरी-नगोई क्षेत्र स्थित पेट्रोल पंप के पीछे करीब 25 हाथियों के विचरण की सूचना से क्षेत्र में दहशत और बढ़ गई है। बताया जा रहा है कि जटगा वन परिक्षेत्र में लंबे समय से हाथियों का दल डेरा डाले हुए है और हाल ही में धोबघट पारा सहित आसपास के गांवों में भी उनकी सक्रियता बढ़ी है।स्थिति को देखते हुए वन विभाग द्वारा लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। ग्रामीणों को सतर्क रहने और जंगल की ओर न जाने की सलाह दी गई है, विशेषकर तेंदूपत्ता तोड़ाई के दौरान सावधानी बरतने को कहा गया है। विभाग का कहना है कि जन-धन की हानि रोकने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन बढ़ती गर्मी और संसाधनों की कमी के चलते हाथियों का मूवमेंट चुनौती बना हुआ है।
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