Korbavani.com। शहर के सबसे व्यस्त और प्रमुख क्षेत्रों में शामिल कोसाबाड़ी चौक से सुभाष चौक तक नगर निगम द्वारा करोड़ों रुपये की लागत से किए गए सौंदर्यीकरण कार्य की लोहे की ग्रिल चोरी हो जाने के बाद भी न तो नगर निगम और न ही पुलिस विभाग ने अब तक कोई ठोस कार्रवाई की है। यह क्षेत्र सिविल लाइन थाना और नगर निगम कार्यालय से कुछ ही किलोमीटर की दूरी पर स्थित है, इसके बावजूद चुप्पी साधे बैठा प्रशासन जनता के बीच गहरी नाराजगी का कारण बन गया है।नगर निगम द्वारा शहर की सुंदरता बढ़ाने के नाम पर जनता के टैक्स से करोड़ों खर्च किए गए थे। लेकिन जब उसी सौंदर्यीकरण की महंगी ग्रिल चोरी हो गई, तो संबंधित अधिकारी पूरी तरह से मौन हैं। न तो अब तक कोई प्राथमिकी दर्ज की गई है, न ही किसी प्रकार की जांच शुरू हुई है। इससे नागरिकों का प्रशासन पर से भरोसा उठता नजर आ रहा है। सबसे गंभीर बात यह है कि जिस क्षेत्र में यह चोरी हुई है, वहां चारों ओर सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं। इसके बावजूद अब तक चोरों की न तो पहचान हो सकी है और न ही किसी की गिरफ्तारी हुई है। विभागीय सूत्रों का दावा है कि घटना की कोई विधिवत रिपोर्ट तक नहीं बनाई गई है। ऐसे में सवाल उठता है कि जब हाई-टेक निगरानी के दावे किए जाते हैं, तो फिर इस मामले में इतनी ढिलाई क्यों? इस मुद्दे पर नेता प्रतिपक्ष कृपाराम साहू ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा, “जब हाई-प्रोफाइल इलाकों में भी चोरी हो सकती है और प्रशासन हाथ पर हाथ धरे बैठा हो, तो आम जनता की सुरक्षा की गारंटी कौन देगा?” उन्होंने मांग की कि इस मामले की तत्काल जांच होनी चाहिए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।जनता भी यह जानना चाहती है कि जब क्षेत्र में CCTV कैमरे मौजूद हैं, तो उनके फुटेज के आधार पर चोरों की पहचान क्यों नहीं हो पा रही? क्या यह तकनीकी खामी है या फिर प्रशासनिक लापरवाही? कोरबा जैसे शहर में, जहां जनता की गाढ़ी कमाई का पैसा शहरी विकास के नाम पर खर्च किया जाता है, वहां इस तरह की घटनाएं और उस पर प्रशासन की चुप्पी गंभीर चिंता का विषय बन गई हैं। यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो आने वाले समय में जनता का आक्रोश और बढ़ सकता है।







