Korbavani.com- जिला प्रशासन कोरबा कार्यस्थलों पर महिलाओं की सुरक्षा एवं सम्मानजनक कार्य वातावरण सुनिश्चित करने हेतु सतर्क एवं सजग है। “महिलाओं का कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध और प्रतितोष) अधिनियम 2013“ के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जिला प्रशासन द्वारा सभी संबंधित कार्यालयों व संस्थानों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। उक्त अधिनियम के अंतर्गत प्रत्येक शासकीय, अर्द्धशासकीय, अशासकीय, निजी संस्था, संगठन, कार्यालय, उपक्रम, उद्यम, सोसायटी, ट्रस्ट, गैर-शासकीय संगठन आदि में जहाँ 10 या उससे अधिक अधिकारी/कर्मचारी कार्यरत हैं, वहाँ आंतरिक शिकायत समिति का गठन अनिवार्य है। समिति गठन न करने पर संबंधित संस्था पर 50 हजार रूपए तक का जुर्माना अधिरोपित किया जा सकता है। समिति में एक वरिष्ठ महिला अधिकारी को पीठासीन अधिकारी के रूप में नियुक्त किया जाएगा। इसके अतिरिक्त दो महिला सदस्य जो सामाजिक कार्यों में अनुभव या महिला अधिकारों के प्रति प्रतिबद्ध हों, तथा एक सदस्य किसी गैर शासकीय संगठन से शामिल होंगी। समिति में आधे से अधिक सदस्य महिलाएं होंगी और इसका कार्यकाल तीन वर्षों का होगा। गठन उपरांत समिति के नाम संस्था के सूचना पट्ट/बोर्ड/फ्लेक्स में प्रदर्शित करना अनिवार्य है। गौरतलब है कि उक्त अधिनियम के अंतर्गत महिला एवं बाल विकास विभाग को नोडल विभाग बनाया गया है। जिला कलेक्टर द्वारा जिले के सभी शासकीय, अर्धशासकीय, अशासकीय कार्यालयों/ संस्थाओं, संगठनों को जहां 10 या उससे अधिक कार्मिक कार्यरत हैं, आंतरिक शिकायत समिति का गठन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
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