Korbavani.com- कोरबा रूमगरा निवासी 24 वर्षीय युवक तौफिक रजा उर्फ सोनू की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने नया मोड़ ले लिया है। मृतक के पिता नजरे इमाम द्वारा ठेकेदार भरत पाल व उसके भाई अरुण पाल पर लगाए गए गंभीर आरोपों के बाद अनुविभागीय दंडाधिकारी सरोज कुमार महिलांगे ने 22 मई को आदेश जारी कर शव के उत्खनन और पोस्टमार्टम की अनुमति दे दी है।
मामले की पृष्ठभूमि:– प्राप्त जानकारी के अनुसार, तौफिक रजा ठेकेदार भरत पाल के अधीन सुपरवाइजर एवं ड्राइवर के रूप में कार्यरत था। दो माह से वेतन न मिलने को लेकर विवाद के बाद 27 मार्च को उसे उत्कल एल्युमिनियम कंपनी, रायगढ़ा (उड़ीसा) भेजा गया। 19 अप्रैल को परिवार को उसकी तबीयत खराब होने की सूचना दी गई, परंतु न तो तौफिक से संपर्क कराया गया और न ही उसकी स्थिति की स्पष्ट जानकारी दी गई। रात में उसकी मौत की सूचना मिली और 20 अप्रैल की सुबह शव को रूमगरा लाकर जल्दबाज़ी में दफना दिया गया।
परिजनों के आरोप:– परिजनों का कहना है कि तौफिक को समय पर उपचार नहीं मिला और न ही मौत के बाद कोई मेडिकल दस्तावेज या रिपोर्ट दी गई। सबसे चिंताजनक बात यह रही कि तौफिक का मोबाइल पूरी तरह से डिलीट कर खाली फोन सौंपा गया। 1 मई को नजरे इमाम ने एसपी कोरबा और थाना बालको में लिखित शिकायत देकर हत्या की आशंका जताई, परंतु कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
प्रशासन की पहल– एसडीएम कार्यालय में शिकायत के बाद अधिकारी सरोज कुमार महिलांगे ने मामले की गंभीरता को देखते हुए शव का उत्खनन और मेडिकल जांच के निर्देश दिए हैं। साथ ही, समूचे प्रकरण की जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश भी जारी किए गए हैं। पीड़ित परिवार ने जल्द न्याय की मांग की है अब सभी की निगाहें कोरबा पुलिस पर टिकी हैं कि वह कब तक आपराधिक प्रकरण दर्ज कर ठेकेदारों के विरुद्ध कार्रवाई करती है।–





