Korbavani.com। जनपद पंचायत कोरबा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत ढोंगदरहा में 21 मई को आयोजित सुशासन तिहार शिविर में ग्रामीण समस्याओं और विभागीय लापरवाही का मुद्दा जोरदार तरीके से उठा। सरपंच संघ अध्यक्ष विजय कुमार मांझवार ने मंच से विभिन्न विभागों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करते हुए ग्रामीण क्षेत्रों की मूलभूत समस्याओं को सामने रखा। उन्होंने सबसे पहले पीएचई विभाग को लेकर नाराजगी जताई। कहा कि ग्रामीणों को पेयजल जैसी बुनियादी सुविधा के लिए आज भी परेशान होना पड़ रहा है। विभागीय कार्यालय पहुंचने पर कभी पाइप नहींहोने जैसी बातें कहकर लोगों को टाल दिया जाता है, जबकि विभाग का काम समस्याओं का समाधान करना है। उन्होंने कहा कि पानी के बिना जीवन संभव नहीं है, इसलिए विभाग को गंभीरता से काम करना चाहिए। शिक्षा विभाग को लेकर भी उन्होंने सवाल उठाए। मांझवार ने कहा कि कई स्कूल भवन आज भी जर्जर हालत में संचालित हो रहे हैं। गेरवानी पारा मोहल्ला स्कूल का उदाहरण देते हुए बताया कि पिछले तीन वर्षों से भवन की स्थिति खराब है और कई बार आवेदन व शिकायत के बाद भी नया निर्माण नहीं कराया गया। राजस्व विभाग की कार्यशैली पर भी उन्होंने नाराजगी व्यक्त की। उनका कहना था कि किसानों के सीमांकन के दौरान संबंधित सरपंच को सूचना तक नहीं दी जाती। बाद में विवाद की स्थिति बनने पर सरपंच को ही जिम्मेदार ठहराया जाता है। वहीं किसी भी पंचनामा की कार्रवाई में सबसे पहले सरपंच को खोजा जाता है। वन विभाग पर आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत ग्राम पंचायत चाकामार से हाथीमुढ़ जंगल तक बन रही सड़क पर रोक लगा दी गई है, जबकि सड़क निर्माण में एक भी पेड़ नहीं काटा गया। उन्होंने सवाल उठाया कि आसपास बड़े पैमाने पर जंगल कटने के बावजूद विभाग वहां कार्रवाई नहीं करता, लेकिन ग्रामीण सड़क निर्माण में बाधा उत्पन्न की जा रही है। क्रेडा विभाग को लेकर भी शिकायत सामने आई। उन्होंने कहा कि पंचायतों में सौर ड्यूल पैनल तो लगाए गए हैं, लेकिन खराब होने के बाद उनकी मरम्मत के लिए कोई जिम्मेदार नहीं पहुंचता, जिससे ग्रामीणों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।इस दौरान सरपंच संघ अध्यक्ष विजय कुमार मांझवार ने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली की सराहना भी की। उन्होंने कहा कि विद्युत विभाग की जेई नेहा कोसरिया ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली समस्याओं के समाधान के लिए दिन-रात सक्रिय रहती हैं। चाहे दिन हो या रात, वे स्वयं मौके पर पहुंचकर कार्यों की निगरानी करती हैं। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों की बिजली व्यवस्था अब शहरों से कम नहीं रही है और छोटी से छोटी समस्या के समाधान में उनका योगदान लगातार देखने को मिलता है।वहीं जनपद पंचायत कोरबा की कार्यप्रणाली की भी प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा कि वर्तमान सीईओ खगेश निर्मलकर के पदस्थ होने के बाद पंचायतों में विकास कार्यों में तेजी आई है। राशन कार्ड, पेंशन और अन्य मूलभूत योजनाओं में सुधार देखने को मिला है। उन्होंने जनपद के ऑपरेटरों के कार्यों की भी सराहना करते हुए कहा कि पहले की तुलना में अब बेहतर तरीके से काम हो रहा है और ग्रामीणों तक योजनाओं का लाभ पहुंच रहा है।
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