Korbavani.com। छत्तीसगढ़ सरकार के “संकल्प बजट 2026-27” को लेकर प्रदेश में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। जहां सत्तापक्ष इसे विकासोन्मुख और युवा सशक्तिकरण का बजट बता रहा है, वहीं विपक्षी दलों ने इसे जमीनी हकीकत से दूर करार दिया है। जिला पंचायत सदस्य क्षेत्र क्रमांक-11 एवं गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के जिला अध्यक्ष विद्वान सिंह मरकाम ने बजट पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए आरोप लगाया कि कोरबा जिले और आदिवासी क्षेत्रों के नाम पर केवल घोषणाएं की गई हैं, लेकिन ठोस वित्तीय प्रावधान और स्पष्ट कार्ययोजना का अभाव है। विद्वान सिंह मरकाम ने कहा कि कोरबा में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसी बुनियादी समस्याएं वर्षों से बनी हुई हैं। बजट में इन मुद्दों के समाधान के लिए कोई विशेष पैकेज या स्पष्ट रोडमैप नजर नहीं आता। उन्होंने दावा किया कि युवा सशक्तिकरण की बात तो की गई है, लेकिन बेरोजगारी दूर करने, स्थानीय युवाओं को उद्योगों में प्राथमिकता देने और कौशल विकास केंद्रों को मजबूत करने की ठोस रणनीति सामने नहीं आई है। उन्होंने विस्थापन और पुनर्वास के मुद्दे को भी उठाते हुए कहा कि खनन और औद्योगिक गतिविधियों से प्रभावित परिवारों के लिए ठोस नीति और आर्थिक सुरक्षा की व्यवस्था बजट में स्पष्ट नहीं है। मरकाम के अनुसार, यदि सरकार सच में प्रदेश की आकांक्षाओं को पूरा करना चाहती है तो उसे आदिवासी बहुल क्षेत्रों के लिए अलग से प्रभावी योजना, पारदर्शी क्रियान्वयन तंत्र और जनप्रतिनिधियों के साथ संवाद सुनिश्चित करना होगा। फिलहाल, संकल्प बजट 2026-27 को लेकर कोरबा सहित पूरे प्रदेश में राजनीतिक बहस जारी है और आने वाले समय में इसके क्रियान्वयन की हकीकत पर ही अंतिम मूल्यांकन तय होगा।
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