Korbavani.com- बालको संयंत्र में कार्य के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हुए ठेका श्रमिक मोहम्मद कलीमुद्दीन खान, उम्र 42 वर्ष, जो कि ठेका कंपनी एम.बी.पी.एल के अंतर्गत बालको में कार्यरत है। जिसको INTUC- 2 से संबद्ध श्रमिक संगठन नेशनल एल्युमिनियम मजदूर संघ (NAMS) की पहल से उसका पूर्ण उपचार, तात्कालिक सहायता राशि और IOD (इंज्यूरी ऑन ड्यूटी) देने की बात ठेका कंपनी MBPL ने स्वीकार कर ली है। हालांकि इस बाबत कोई लिखित समझौता होने की जानकारी नहीं मिली है। इस संबंध में इंटक से संबद्ध नाम्स यूनियन के पदाधिकारियों ने हर्ष जाहिर करते हुए, इस कार्य को अपनी उपलब्धि बताते हुए कहा है कि हमारा यूनियन श्रमिक हितों की लड़ाई में अपनी सक्रिय भूमिका निभाते रहा है और यह लड़ाई आगे भी जारी रहेगा। बालको चिकित्सालय के कांफ्रेंस हाल में ठेका कंपनी एमबीपीएल तथा नाम्स यूनियन के बीच बैठक संपन्न हुई जिसमें ठेका कंपनी ने स्वीकार किया है कि संयंत्र में कार्य के दौरान हताहत श्रमिक की चिकित्सा में किसी भी प्रकार की कोई कमी नहीं रहने दी जाएगी। नियमानुसार सभी सुविधाएं प्रदान करने के साथ ही उपचार के दौरान श्रमिक को लगातार वेतन व भत्ता मिलता रहेगा। दुर्घटनाग्रस्त श्रमिक का बालको चिकित्सालय में हुई संपूर्ण इलाज का पूरा खर्च एमबीपीएल कंपनी वहन करेगी। यह बताना लाजमी है कि बालको में नियमित श्रमिकों की तरह ठेका श्रमिकों का इलाज नहीं किया जाता। जिस के संबंध में श्रमिक संगठनों की तरफ से लगातार मांग किया जाता रहा है लेकिन बालको प्रबंधन ने इस बाबत अपनी सहमति आज तारीख़ तक कभी नहीं दी। उल्लेखनीय है कि आज की बैठक में बालको एचआर प्रबंधन अथवा हॉस्पिटल मैनेजमेंट की ओर से कोई भी उपस्थिति नहीं दी गई। बल्कि कुछ संगठनों की यह टिप्पणियां भी आई हैं कि श्रमिकों की अंदरूनी मुद्दों पर भी व्यापारिक संगठनों का या राजनीतिक दलों का हस्तक्षेप करवाना एक गलत परंपरा की शुरुआत की जा रही है जो कि अच्छी बात नहीं है।





