Korbavani.com। बलात्कार के मामले में न्याय और आरोपी की गिरफ्तारी की उम्मीद लेकर पुलिस तक पहुंची एक युवती से ही कथित तौर पर 45 हजार रुपये की ठगी किए जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि एक व्यक्ति ने खुद को भीम आर्मी का कोषाध्यक्ष बताकर पुलिस अधिकारियों से अपनी नजदीकी और ऊंची पहुंच का दावा किया तथा आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजने के नाम पर युवती और उसके परिजनों से रकम ले ली। मामले में दर्री पुलिस ने आरोपी मनीष बर्मन के खिलाफ धारा 318(4) बीएनएस के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शादी का झांसा देकर दैहिक शोषण का आरोप- मामला थाना बांकीमोंगरा क्षेत्र की करीब 22 वर्षीय युवती से जुड़ा है। युवती ने निखिल रजक पिता विष्णु रजक, निवासी नीलगिरी बस्ती थाना दर्री, के खिलाफ शादी का झांसा देकर दैहिक शोषण/बलात्कार किए जाने की शिकायत महिला थाना कोरबा में की थी। शिकायत पर संबंधित धाराओं में अपराध दर्ज कर प्रकरण को क्षेत्राधिकार के आधार पर थाना दर्री भेजा गया, जहां अपराध क्रमांक 185/2026 के तहत विवेचना की जा रही थी। खुद को भीम आर्मी का कोषाध्यक्ष बताया इसी दौरान मनीष बर्मन नामक व्यक्ति ने युवती से संपर्क किया। आरोप है कि उसने खुद को भीम आर्मी का कोषाध्यक्ष बताते हुए कहा कि वह सामाजिक कार्य करता है और उसकी पुलिस अधिकारियों तक पहुंच है। उसने युवती को भरोसा दिलाया कि वह मामले में सहयोग करेगा और निखिल रजक को एससी/एसटी एक्ट के तहत गिरफ्तार करवाकर जेल भिजवा देगा। इसके बाद थाना दर्री के सीएसपी कार्यालय के बाहर मुलाकात के दौरान आरोपी ने कथित तौर पर युवती से कहा कि उसकी सीएसपी से बात हो चुकी है और गिरफ्तारी के लिए 40 हजार रुपये देने होंगे। आरोप है कि उसने रकम नहीं देने पर गिरफ्तारी नहीं होने की बात कहकर युवती को विश्वास में लिया।
गहने गिरवी रखकर जुटाए पैसे, फिर भी नहीं हुई गिरफ्तारी– आरोप है कि मनीष की बातों में आकर युवती ने अपना सोने कि मांगटीका और ईयररिंग करीब 40 हजार रुपये में गिरवी रख दिए। 18 जुलाई 2026 को कुचेना मोड़ के पास मुलाकात के दौरान मनीष ने कथित तौर पर 25 हजार रुपये नकद और 10 हजार रुपये फोन-पे के जरिए प्राप्त किए।इसके बाद उसने कथित रूप से 10 हजार रुपये की और मांग की और कहा कि आजाक थाना में भी पैसे मांगे जा रहे हैं। जुलाई के अंतिम सप्ताह में युवती ने 10 हजार रुपये और दिए। इस तरह कुल 45 हजार रुपये लेने का आरोप मनीष बर्मन पर लगाया गया है।
न गिरफ्तारी हुई, न जेल भेजा गया; आरोपी को मिल गई अग्रिम जमानत युवती का आरोप है कि रकम लेने के बाद भी मनीष बर्मन द्वारा बताए अनुसार कोई कार्रवाई नहीं हुई। न तो निखिल रजक की गिरफ्तारी हुई और न ही उसे जेल भेजा गया। इसके उलट आरोपी को अग्रिम जमानत भी मिल गई।इसके बाद युवती ने अपने 45 हजार रुपये वापस मांगने शुरू किए। आरोप है कि मनीष बर्मन लगातार रकम लौटाने का आश्वासन देता रहा और कभी “आज काम हो जाएगा” तो कभी “कल पैसा वापस कर दूंगा” कहकर टालता रहा। बाद में कथित तौर पर युवती का मोबाइल नंबर भी ब्लॉक कर दिया गया।
अब पुलिस ने दर्ज किया ठगी का मामला- खुद को सामाजिक संगठन का पदाधिकारी बताकर प्रभाव और पुलिस अधिकारियों से संबंध होने का दावा करते हुए रकम लेने के आरोप में दर्री पुलिस ने मनीष बर्मन के खिलाफ धारा 318(4) बीएनएस के तहत अपराध दर्ज किया है। पुलिस मामले में रकम के लेनदेन, फोन-पे भुगतान, बातचीत और आरोपी द्वारा किए गए दावों सहित अन्य पहलुओं की जांच कर रही है।मामले ने एक गंभीर सवाल जरूर खड़ा किया है—जब एक युवती पहले ही कथित यौन शोषण के मामले में न्याय की तलाश में पुलिस तक पहुंची थी, तो क्या उसकी इसी मजबूरी और न्याय की उम्मीद को निशाना बनाकर उससे रकम वसूली गई? पुलिस जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविकता स्पष्ट होगी।




