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गुरसिया पंचायत में सरपंच पर लगभग 40 लाख रुपए की शासकीय राशि निजी खाते में जमा कर गबन करने का आरोप, जनदर्शन शिकायत के बाद जांच के घेरे में सरपंच…

Korbavani.com। पोड़ी उपरोड़ा जनपद क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत गुरसिया में विकास कार्यों की राशि में कथित गड़बड़ी को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। पंचायत के पंचों और ग्रामीणों ने जिला जनदर्शन में शिकायत दर्ज कर सरपंच पर लगभग 40 लाख रुपए की शासकीय राशि निजी खाते में जमा कर गबन करने का आरोप लगाया है। शिकायत के बाद जनपद पंचायत पोड़ी उपरोड़ा ने मामले को गंभीर मानते हुए जांच टीम गठित कर दी है। ग्रामीणों द्वारा सौंपे गए आवेदन में आरोप लगाया गया है कि पंचायत में स्वीकृत कई निर्माण कार्यों की राशि आहरित कर ली गई, लेकिन धरातल पर काम शुरू तक नहीं हो सका। शिकायत में पांच आंगनबाड़ी भवन, उचित मूल्य दुकान भवन, माध्यमिक शाला भवन, प्रयोगशाला भवन तथा कला एवं संस्कृति भवन के निर्माण कार्य प्रभावित होने की बात कही गई है।ग्रामीणों का आरोप है कि पूर्व सरपंच के कार्यकाल में शुरू हुए निर्माण कार्यों की दूसरी किश्त की करीब 15 लाख रुपए की राशि भी निकाल ली गई, लेकिन भुगतान नहीं होने के कारण कई निर्माण अधूरे पड़े हैं। इससे पंचायत के विकास कार्य ठप हो गए हैं और ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। शिकायत के अनुसार एक आंगनबाड़ी भवन का निर्माण शुरू किया गया है, लेकिन उसमें पुराने और टूटे भवनों से निकाली गई ईंटों का उपयोग किया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि इस मुद्दे को कुछ माह पहले समाचारों में भी उठाया गया था। मामले में सरपंच पति पर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि ग्रामसभा में सवाल पूछने पर धमकी दी जाती है और एट्रोसिटी एक्ट में फंसाने की चेतावनी देकर दहशत का माहौल बनाया जाता है। ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत में भय और दबाव के कारण पंच खुलकर विरोध नहीं कर पा रहे हैं। जनपद पंचायत पोड़ी उपरोड़ा द्वारा जारी जांच सूचना के अनुसार गठित जांच दल 20 मई 2026 को सुबह 11 बजे ग्राम पंचायत गुरसिया पहुंचकर पूरे मामले की जांच करेगा। पंचायत से बचत पासबुक, चेकबुक, बिल-वाउचर, रोकड़वाही पंजी, ग्रामसभा बैठक पंजी और निर्माण कार्यों से संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। आदेश में अनुपस्थित रहने पर एकतरफा कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है। जांच दल में उप अभियंता रवि पद्माकर, सहायक विकास विस्तार अधिकारी रामकुमार लकड़ा तथा सहायक आंतरिक लेखा परीक्षक एवं कराधान अधिकारी एस.पी. धुवे को शामिल किया गया है। अब ग्रामीणों को जांच रिपोर्ट और प्रशासनिक कार्रवाई का इंतजार है।

Kush Sharma

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