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एकल अभियान कोरबा के अंतर्गत चैतमा केंद्र ग्राम डोकरीखार में आचार्य द्वारा किसानों के लिए सर्वोत्तम कीट नियंत्रक का प्रचार प्रसार

कोरबा 20अगस्त कोरबा जिले में वन बंधु परिषद एवम ग्राम संगठन द्वारा संचालित एकल विद्यालय अभियान अंचल कोरबा के संच केंद्र चैतमा के अंतर्गत विद्यालय ग्राम डोकरीखार के प्रभावी आचार्य निर्मल कुमार द्वारा अपने एकल अभियान के पंच मुखी शिक्षा के अंतर्गत तीसरे शिक्षा ग्राम विकास जिसे अभी संशोधित कर ग्राम स्वराज्य कर दिया गया,इस विषय के अनुसार निर्मल कुमार ने अभी किसानों द्वारा रोपा कार्य चल ही रहा है जिसमे कई प्रकार की कीटों का समस्यों के निपटारा के लिए किसान भाईयों को दुकानों से बहुत ज्यादा खर्च करना पड़ता है इसी को ध्यान में रखते हुए अपने एकल अभियान के पंच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रशिक्षण प्राप्त शिक्षा को अपने किसान भाईयों को सिखाने के लिए तत्पर हैं ताकि किसान भाई का ज्यादा से ज्यादा खर्च बच जाए और कम खर्च में समस्या का निदान किया जा सके,
इस उद्देश्य से निर्मल कुमार आचार्य द्वारा एकदम निशुल्क दवा का प्रशिक्षण किसान भाईयों को देने के लिए तैयारी शुरू कर दिए है, क्योंकि इस वर्ष कई गांवों में बारिश के अभाव में अभी तक रोपा कार्य चल रहा है जिसे कई प्रकार के कीट का आक्रमण झेलना पड़ेगा,जिसे देखते हुए गांवों स्तर पर मिलने वाले सामग्री से बनाया जाने वाला,सिर्फ थोड़ा सा मेहनत करना होगा 0खर्च पर अपने घरों पर निर्माण कार्य किया जा सकता है इस दवा का नाम कीट नियंत्रक क्रमांक 1 से जाना जाता है इसकी आवश्यक सामग्री*–
१. गौ मूत्र 10 ली. ।
२. नीम पत्ती 5 कि. ग्रा.।
३. एक पुराना मटका 20 ली. वाला ।
४.एक जुट की बोरी या सूती कपड़ा ।
५. एक रस्सी।
*बनाने की विधि*–
नीम के पत्ती को कूट–पीस कर या महीन/लेप बना कर कुटा पीसा हुआ नीम के पत्ती को डालना है। और उसके बाद घड़ा के मुंहड़ा को जूट के बोरी/सूती कपड़ा के द्वारा ढक कर रस्सी से बांधना है, एक सुरक्षित पर उस घड़ा को 30 दिनों तक रखना है।
*उपयोग विधि*–
1 ली. कीट नियंत्रक में20 ली. पानी डालकर स्पेयर या झाड़ू के माध्यम से खेत के लगे हुए धान की बीमारियों पर या बाड़ी के सब्जियों पर लगे हुए बीमारियों पर छिड़काव करना है।
*छिड़काव का अंतराल*–
12 या 15 दिनों के अंतराल में छिड़काव करना है।
एकल अभियान द्वारा किसान भाईयों बहनों के लिए यह दवा निर्माण के लिए प्रेरित किया जा रहा है,ताकि अधिक से अधिक खर्च बचाया जा सके एवम् 0बजट पर समस्या का समाधान कर सके। सभी कृषक बंधुओ से आग्रह किया जाता है कि एक बार सही विधि पूर्वक जरूर बनाने का प्रयास करें।

Kush Sharma

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