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इंडस पब्लिक स्कूल दीपका के प्राचार्य डॉक्टर संजय गुप्ता ने साझा की बहुत ही महत्वपूर्ण जानकारी,बताया – सीबीएसई 10 वीं बोर्ड एग्जाम साल में दो बार संभव..

वर्ष में दो बार बोर्ड परीक्षा आयोजित करने के बहुत ही सकारात्मक प्रभाव एवं परिणाम देखने को मिलेंगे, सीबीएसई बोर्ड का यह निर्णय स्वागत योग्य – डॉक्टर संजय गुप्ता..

Korbavani.com- परीक्षा के समय विद्यार्थियों पर परीक्षा का बहुत अधिक तनाव व दबाव होता है, इस वजह से अधिकांश विद्यार्थी अनावश्यक दबाव में आ जाते हैं। जिससे वर्ष भर की पढ़ाई जो उन्होंने की होती है उसे भी वे तनाव में आने के कारण भूल जाते हैं और इस प्रकार कई बार उनकी वर्ष भर की मेहनत पर पानी फिर जाता है।साल में दो बार परीक्षा होने से छात्रों को अपने रिजल्ट में सुधार करने का मौका मिलेगा और एक बार असफल होने पर दूसरी बार कोशिश करने का अवसर मिलेगा। इससे छात्रों को सेल्फ कॉन्फिडेंस मिलेगा और उनका मानसिक दबाव कम होगासीबीएसई बोर्ड परीक्षा को साल में दो बार आयोजित करने की प्लानिंग कर रहा है।ऐसे में स्कूली छात्रों पर इसका बड़ा प्रभाव पड़ने वाला है।ऐसे में जो छात्र बोर्ड एग्जाम को लेकर डर में रहते थे और अच्छा स्कोर नहीं कर पाते थे उन्हें साल में दो मौके मिल सकेंगे।इसके साथ ही बच्चों की काफी हद तक एग्जाम को लेकर टेंशन कम होगी।वहीं एक्‍सपर्ट्स का मानना ये भी है कि इस प्रणाली के लागू होने से पेपर में नंबर कम आने से जो सूइसाइड रेट है उसमें भारी गिरावट आएगी।विद्यार्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए अगले साल में दो बार 10 वीं बोर्ड परीक्षा कराई जा सके इसलिए, परीक्षा पद्धति में कुछ महत्वपूर्ण बदलाव करने पर विचार कर रही है। वर्तमान में दसवीं कक्षा के बोर्ड परीक्षा की डेट शीट इस तरह से बनाई जाती है कि छात्रों द्वारा चुने गए दो विषयों के पेपर एक ही तिथि पर ना पड़े। इसे इसे परीक्षा 1 महीने तक अनावश्यक रूप से आगे चल जाता है। कभी-कभी तो दो पेरो के मध्य तीन से 10 दिनों तक कभी गैप दिया जाता है। यदि हम इस साल के ही से भी ऐसी कक्षा दसवीं की बोर्ड परीक्षा पर नजर डालें तो परीक्षा की प्रारंभिक तिथि है 15 फरवरी, जबकि परीक्षा 18 मार्च को खत्म हो रही।यदि परीक्षाएं 1 वर्ष में दो बार होने लगे तो, सीबीएसई के बोर्ड पेरो की मध्य की दूरी भी बहुत कम हो जाएगी और समय भी बचेगा। और बोर्ड परीक्षा के परिणामों की घोषणा भी शीघ्र होगी। जिससे अन्य कक्षा में प्रवेश लेने एवं विद्यालय चयन हेतु विद्यार्थियों को सोचने समझने का पर्याप्त अवसर मिलेगा। सीबीएसई बोर्ड बहुत ही जल्द इस विषय पर अपना निर्णय देगा। केंद्र सरकार सर्वप्रथम कक्षा दसवीं बोर्ड से ही साल में दो बार बोर्ड परीक्षाएं आयोजित करने की प्रक्रिया पर निर्णय लेगी, तत्पश्चात कक्षा 12वीं बोर्ड को साल में दो बार परीक्षा कराने हेतु निर्णय लेगी। लेकिन शुरुआत कक्षा दसवीं बोर्ड से ही की जा रही है। सीबीएसई बोर्ड साल में दो बार परीक्षा आयोजित करने से पूर्व उसके संपूर्ण मसौदे पर चर्चा करेगी उसके परिणाम पर भी समीक्षा करेगी। तत्पश्चात अंतिम सुझाव के अनुसार ,अंतिम निर्णय लेगी।

डॉ. संजय गुप्ता ने कहा– कक्षा 12वीं के छात्रों के लिए वर्ष में दो बार परीक्षा की प्रणाली कब से प्रारंभ किया जाए यह कक्षा दसवीं के छात्रों के दो बार की परीक्षा की प्रक्रिया के संपूर्ण होने के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा। उसकी समीक्षा की जाएगी कि साल में दो बार यदि बोर्ड परीक्षा का आयोजन सीबीएसई बोर्ड करता है तो क्या-क्या चुनौतियां बोर्ड को सामना करना पड़ सकता है? सीबीएसई की बोर्ड परीक्षाएं अक्सर फरवरी माह में ही शुरू की जाती है,और दो बार परीक्षा प्रणाली में भी हो सकती है। लेकिन इसका दूसरा पक्ष यह भी है कि कुछ क्षेत्रों में कड़ी सर्दियों में परीक्षा प्रारंभ करना मुश्किल होगा और शायद पाठ्यक्रम को पूरा करने का समय भी कम मिलेगा, तो इस पर भी मंथन किया जाना आवश्यक है। साल में दो बार परीक्षा आयोजित करने के लिए सीबीएसई इस शेड्यूल पर भी विचार कर रही है की पहली परीक्षा का परिणाम मार्च तक ही घोषित कर दिया जाए। मई की शुरुआत में दूसरी परीक्षा हो सकती है और जून में परिणाम घोषित किए जाएंगे। सभी तथ्यों को मद्देनजर यह स्पष्ट है कि शैक्षणिक वर्ष 2026- 27 में निश्चित रूप से साल में दो बार परीक्षा प्रणाली लागू हो जाएगी, और इस पर विद्यार्थियों को अभी से अपना माइंडसेट तैयार करके रखना होगा। और न सिर्फ विद्यार्थीगण अपितु स्कूल प्रशासन और अभिभावकों को भी इस विषय पर अभी से तैयार रहना होगा। डॉ संजय गुप्ता ने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति(NEP) की सिफारिश के आधार पर कक्षा 11वीं और 12वीं में सेमेस्टर प्रणाली लागू करने पर भी विचार किया जा रहा है। जिसका प्रभाव हमें अगले शैक्षणिक क्षेत्र में अवश्य देखने को मिलेगा।

Kush Sharma

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