Korbavani.com- कोरबा जिले के सुदूर वनांचल दूरस्थ क्षेत्र के ग्राम पंचायत व तहसील अजगरबहार में 26 अक्टूबर को धूमधाम से रावण दहन और दशहरा उत्सव मनाया जायेगा, इस क्षेत्र के सभी लोग जो बाहर नही जा पाते वह अपने छोटे-छोटे बच्चों के साथ शामिल होकर परिवार सहित आनंद उठा पाते हैं। हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी बड़े ही धूमधाम एवं हर्ष उल्लास के साथ दशहरा उत्सव मनाया जाएगा, जिसकी तैयारी पूरे ग्राम वासियों द्वारा किया गया है। गांव के लोगों को लेकर इस कार्यक्रम को आयोजित किया जा रहा है जिसका उद्देश्य अपने नजदीक में कम खर्चे में सपरिवार आनंद उठा पाना। भगवान राम ने इसी दिन रावण का वध किया था तथा देवी दुर्गा ने नौ रात्रि एवं दस दिन के युद्ध के उपरान्त महिषासुर पर विजय प्राप्त की थी। रावण दहन को दशहरे की सबसे महत्वपूर्ण रस्मों में से एक माना जाता है जो बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है । भारत में कई स्थानों पर रावण का पुतला दहन किया जाता है। यह परंपरा आमतौर पर बड़े उत्साह, बड़े धूमधाम और प्रदर्शन के साथ मनाई जाती है।
अनिरुद्ध जोशी ‘शतायु’ रावण- दुनिया में इस नाम का दूसरा कोई व्यक्ति नहीं है। राम तो बहुत मिल जाएंगे, लेकिन रावण नहीं। रावण तो सिर्फ रावण है। राजाधिराज लंकाधिपति महाराज रावण को दशानन भी कहते हैं। कहते हैं कि रावण लंका का तमिल राजा था। सभी ग्रंथों को छोड़कर वाल्मीकि द्वारा लिखित रामायण महाकाव्य में रावण का सबसे ‘प्रामाणिक’ इतिहास मिलता है।रावण एक कुशल राजनीतिज्ञ, सेनापति और वास्तुकला का मर्मज्ञ होने के साथ-साथ तत्व ज्ञानी तथा बहु-विद्याओं का जानकार था। उसे मायावी इसलिए कहा जाता था कि वह इंद्रजाल, तंत्र, सम्मोहन और तरह-तरह के जादू जानता था। उसके पास एक ऐसा विमान था, जो अन्य किसी के पास नहीं था। इस सभी के कारण सभी उससे भयभीत रहते थे।




